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गुरुग्राम में मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जलभराव वाले रूट पर स्कूल बसें नहीं चलेंगी और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाए जाएंगे।
गुरुग्राम में मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और जलभराव वाले मार्गों पर स्कूल बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। ऐसे मार्गों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या बिना निगरानी वाले बस स्टॉप पर उतारने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को किसी भी संभावित खतरे से बचाना और स्कूल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखना है।
DC उत्तम सिंह ने ली अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक
इस संबंध में जिला उपायुक्त (DC) उत्तम सिंह ने अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्कूल बसों के संचालन, जलभराव वाले मार्गों और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। DC ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी स्कूल मार्ग पर उत्पन्न होने वाली समस्या की तत्काल जानकारी मिल सके और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ट्रैफिक पुलिस देगी रियल-टाइम जानकारी
DC उत्तम सिंह ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि स्कूल रूट पर जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी संबंधित अधिकारियों और स्कूलों के साथ साझा की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल बसों के लिए मार्ग की स्थिति की जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके। यदि किसी मार्ग पर अचानक जलभराव या भारी ट्रैफिक की स्थिति बनती है, तो उसके अनुसार बसों के रूट में बदलाव किया जा सकेगा। इससे बच्चों को जोखिम वाले रास्तों से गुजरने से बचाया जा सकेगा।
स्कूल बसों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
गुरुग्राम में मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीसी श्री उत्तम सिंह ने अंतर-विभागीय कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रैफिक पुलिस को स्कूल…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 25, 2026
प्रशासन ने स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। बारिश के दौरान स्कूल बसों को ऐसे मार्गों पर नहीं भेजा जाएगा जहां जलभराव के कारण सड़क की स्थिति असुरक्षित हो। प्रभावित मार्गों की पहचान कर सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जलभराव वाले बस स्टॉप पर बच्चों को नहीं उतारा जाएगा
मानसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया है कि किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या बिना निगरानी वाले बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा। यदि किसी निर्धारित बस स्टॉप पर पानी भर जाता है या वहां सुरक्षित रूप से बच्चों को उतारना संभव नहीं है, तो वैकल्पिक सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को बस से उतरने के बाद होने वाले संभावित जोखिम से बचाना है।
प्रभावित स्कूल रूट को मिलेगी प्राथमिकता
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूल रूट पर बारिश और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होता है, वहां स्कूल बसों की आवाजाही को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया जाए। संबंधित विभागों को ऐसे मार्गों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। स्कूल प्रशासन और परिवहन से जुड़े अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हरियाणा रोडवेज बसें रहेंगी तैयार
बारिश के कारण यदि स्कूल बसों के संचालन में किसी तरह की परेशानी आती है, तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त हरियाणा रोडवेज बसों को तैयार रखा जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की आवाजाही को प्रभावित होने से रोकना है। प्रशासन ने परिवहन विभाग को संभावित जरूरत के अनुसार तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में अतिरिक्त बस सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
स्कूल गेट और बस रूट के आसपास ड्रेनेज पर फोकस
बैठक में स्कूल बस रूट और स्कूलों के मुख्य द्वार के आसपास जल निकासी व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का फोकस ऐसे स्थानों से पानी की जल्द निकासी सुनिश्चित करने पर रहेगा जहां बच्चों और स्कूल बसों की आवाजाही अधिक होती है। स्कूल गेट के आसपास जलभराव होने से बच्चों को बस से उतरने और स्कूल में प्रवेश करने में परेशानी हो सकती है, इसलिए इन स्थानों पर ड्रेनेज व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मानसून के दौरान स्कूल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया है। ट्रैफिक पुलिस, नगर निकाय, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। रियल-टाइम जानकारी साझा करने से जलभराव, ट्रैफिक जाम या किसी अन्य बाधा की स्थिति में तत्काल निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारी
गुरुग्राम में मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की यह तैयारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जलभराव वाले रास्तों पर स्कूल बसों को नहीं चलाने, सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाने, असुरक्षित बस स्टॉप पर बच्चों को नहीं उतारने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हरियाणा रोडवेज बसें उपलब्ध कराने जैसे निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल गेट और बस रूट के आसपास ड्रेनेज व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
सुरक्षित स्कूल परिवहन के लिए सख्त व्यवस्था
DC उत्तम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान स्कूल परिवहन व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में बच्चों की सुरक्षा से समझौता न हो। ट्रैफिक और जलभराव की रियल-टाइम जानकारी के आधार पर स्कूल बसों के रूट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। प्रशासन की इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और स्कूल पहुंचने तथा घर लौटने के दौरान संभावित जोखिमों को कम करना है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।