मान सरकार श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए ₹24.55 करोड़ की लागत से बाणी अध्ययन केंद्र बनाएगी। 650वें प्रकाश पर्व के लिए ₹100 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
पंजाब में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं, बाणी और जीवन दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए मान सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार डेरा सचखंड बल्लां, जालंधर में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित कर रही है। इस केंद्र के निर्माण पर करीब ₹24.55 करोड़ की लागत आएगी। सरकार के अनुसार, अध्ययन केंद्र में बच्चों और विद्यार्थियों को श्री गुरु रविदास जी की पवित्र बाणी और शिक्षाओं का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है, जिसके लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट रखने की बात कही है।
₹24.55 करोड़ की लागत से बनेगा बाणी अध्ययन केंद्र
डेरा सचखंड बल्लां में प्रस्तावित श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और विचारों के अध्ययन के लिए विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को उनकी बाणी, जीवन दर्शन और मानवतावादी विचारों से परिचित कराना है।
इस केंद्र में विद्यार्थियों को गुरु रविदास जी के विचारों पर अध्ययन और शोध करने का अवसर मिलेगा। सरकार के अनुसार, यहां उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा और विद्यार्थी गुरु रविदास जी की पवित्र शिक्षाओं से जुड़े विषयों पर पीएचडी स्तर तक अध्ययन कर सकेंगे।
बच्चों को मिलेंगे शोध और अध्ययन के अवसर
ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦੀ ਬਾਣੀ ਦੇ ਪਸਾਰ ਵਾਸਤੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾ ਰਹੀ ਹੈ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਬਾਣੀ ਅਧਿਐਨ ਕੇਂਦਰ, 24.55 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ਼ ਬਣਨ ਵਾਲ਼ੇ ਅਧਿਐਨ ਕੇਂਦਰ ‘ਚ ਬੱਚੇ ਪਾਵਨ ਬਾਣੀ ‘ਤੇ ਕਰਨਗੇ ਪੀ.ਐੱਚ.ਡੀ. ਅਤੇ 100 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਬਜਟ ਨਾਲ਼ ਮਨਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦਾ 650ਵਾਂ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਦਿਵਸ pic.twitter.com/u1ecgiYNuL
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 9, 2026
बाणी अध्ययन केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक शिक्षाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि गुरु रविदास जी के विचारों पर अकादमिक अध्ययन और शोध को भी प्रोत्साहित करना बताया गया है। विद्यार्थियों को उनकी बाणी, सामाजिक संदेश, समानता, मानवता और भाईचारे से जुड़े विचारों को समझने का अवसर मिलेगा।
गुरु रविदास जी ने समाज में समानता और मानवता का संदेश दिया। उनकी बाणी में भक्ति के साथ-साथ सामाजिक समरसता और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव कल्याण की भावना दिखाई देती है। ऐसे में अध्ययन केंद्र के माध्यम से इन विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की तैयारी
मान सरकार की ओर से श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। सरकार के अनुसार, इस आयोजन के लिए ₹100 करोड़ का बजट रखा जाएगा।
प्रकाश पर्व के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ गुरु रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य इस ऐतिहासिक अवसर को व्यापक स्तर पर मनाना और गुरु रविदास जी के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाना बताया गया है।
डेरा सचखंड बल्लां में होगा प्रमुख केंद्र
जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां श्री गुरु रविदास जी की परंपरा और अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसी स्थान पर बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अध्ययन और प्रचार-प्रसार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
केंद्र में विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की सुविधाओं के साथ आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना भी है।
गुरु रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
मान सरकार का कहना है कि बच्चों और युवाओं को महान संतों और गुरुओं की शिक्षाओं से जोड़ना जरूरी है। गुरु रविदास जी की बाणी और उनके विचार आज भी सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं।
अध्ययन केंद्र के जरिए इन शिक्षाओं को आधुनिक शिक्षा और शोध के माध्यम से समझने का अवसर विद्यार्थियों को मिल सकता है। इससे गुरु रविदास जी के विचारों पर व्यवस्थित शोध को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनके संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
₹100 करोड़ के बजट से होगा 650वां प्रकाश पर्व
श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार ने ₹100 करोड़ के बजट की घोषणा की है। सरकार की योजना इस अवसर को बड़े स्तर पर मनाने की है। प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में गुरु रविदास जी की बाणी, जीवन और सामाजिक संदेश को प्रमुखता दी जाएगी।
सरकार के मुताबिक, यह आयोजन पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ गुरु रविदास जी के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का अवसर भी होगा।
शिक्षा, शोध और विरासत को जोड़ने की पहल
श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र और 650वें प्रकाश पर्व के लिए प्रस्तावित बजट को पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक विरासत, शिक्षा और शोध को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। ₹24.55 करोड़ की लागत से बनने वाला अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर अध्ययन और शोध का अवसर देगा, जबकि ₹100 करोड़ के बजट से प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी है।
मान सरकार का कहना है कि इन पहलों के जरिए श्री गुरु रविदास जी की बाणी और उनके मानवतावादी संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को उनके विचारों पर उच्च स्तरीय शोध के लिए मंच उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।