CM भगवंत मान ने जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में ₹24.55 करोड़ की लागत से बनने वाले श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन सेंटर का नींव पत्थर रखा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन सेंटर का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से करीब ₹24.55 करोड़ की लागत से इस सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। सरकार के अनुसार, सेंटर का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और बाणी के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है। इस केंद्र में बच्चों की सुविधा के लिए हॉस्टल के साथ-साथ स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी।
₹24.55 करोड़ की लागत से बनेगा अध्ययन सेंटर
डेरा सचखंड बल्लां में प्रस्तावित श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन सेंटर के निर्माण पर करीब ₹24.55 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सेंटर का नींव पत्थर रखकर निर्माण कार्य की शुरुआत की। सरकार की योजना के मुताबिक यह केंद्र बच्चों के लिए श्री गुरु रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
सेंटर में बच्चों को गुरु रविदास जी की बाणी, उनके जीवन दर्शन और समाज को दिए गए संदेशों से परिचित कराया जाएगा। इसके जरिए नई पीढ़ी को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बच्चों को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं की मिलेगी जानकारी
CM @BhagwantMann ਨੇ ਅੱਜ ਡੇਰਾ ਸੱਚਖੰਡ ਬੱਲਾਂ (ਜਲੰਧਰ) ਵਿਖੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲ਼ੇ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਬਾਣੀ ਅਧਿਐਨ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਰੱਖਿਆ। ₹24.55 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ਼ ਬਣਨ ਵਾਲ਼ੇ ਇਸ ਸੈਂਟਰ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੀ ਜੀਵਨੀ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਬਾਰੇ ਗਿਆਨ ਹਾਸਲ ਕਰਨਗੇ। ਇਸ ਸੈਂਟਰ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ… pic.twitter.com/ufG8mmBLnK
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 9, 2026
प्रस्तावित सेंटर में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी और शिक्षाओं के बारे में ज्ञान दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि अध्ययन केंद्र के जरिए बच्चों को गुरु रविदास जी के मानवतावादी विचारों, सामाजिक समानता और भाईचारे के संदेश को समझने का अवसर मिलेगा।
श्री गुरु रविदास जी की बाणी और उनके विचार भारतीय संत परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके संदेशों में समानता, मानवता, सामाजिक सद्भाव और भक्ति पर विशेष जोर देखने को मिलता है। अध्ययन सेंटर का उद्देश्य इन्हीं विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाना बताया गया है।
हॉस्टल और स्टाफ आवास की भी होगी व्यवस्था
सेंटर में आने वाले बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा सेंटर में कार्यरत स्टाफ के रहने के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रावधान रखा गया है।
हॉस्टल और स्टाफ आवास की सुविधा होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को अध्ययन केंद्र में रहने और शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। इससे सेंटर को केवल एक अध्ययन स्थल के बजाय एक व्यापक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
डेरा सचखंड बल्लां में बनेगा महत्वपूर्ण केंद्र
जालंधर का डेरा सचखंड बल्लां श्री गुरु रविदास जी की परंपरा और शिक्षाओं से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। ऐसे स्थान पर गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन दर्शन के अध्ययन के लिए केंद्र का निर्माण किए जाने को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से इस सेंटर को बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी बनाने की योजना है। यहां उन्हें गुरु रविदास जी के विचारों को समझने और उनकी शिक्षाओं का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
पंजाब सरकार का सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहल पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस परियोजना को पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया है। अध्ययन सेंटर के जरिए गुरु रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि बच्चों को महान संतों और गुरुओं की शिक्षाओं से जोड़ना उनके व्यक्तित्व और सामाजिक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से सेंटर में अध्ययन और रहने की सुविधाओं को शामिल किया गया है।
नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की कोशिश
आज के समय में बच्चों और युवाओं को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत से जोड़ना एक महत्वपूर्ण विषय है। श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन सेंटर के माध्यम से बच्चों को उनके जीवन और शिक्षाओं के बारे में व्यवस्थित तरीके से जानकारी देने की योजना है।
₹24.55 करोड़ की लागत से बनने वाला यह सेंटर पूरा होने के बाद जालंधर और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन स्थल बन सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसका नींव पत्थर रखकर परियोजना की शुरुआत कर दी है।
पंजाब सरकार की इस पहल के तहत अध्ययन, आवास और स्टाफ सुविधाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की बाणी और उनके जीवन दर्शन का अध्ययन करने के साथ-साथ उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिल सकती है।