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जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में आप नेता गोपाल राय ने मोदी सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
देश में नीट (NEET) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और गुजरात राज्य के प्रभारी गोपाल राय ने जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए मोदी सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। गोपाल राय ने साफ किया है कि देश का युवा अब चुप बैठने वाला नहीं है और यदि सरकार ने उनके सब्र का इम्तिहान लिया, तो सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा छात्र आंदोलन
जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस आंदोलन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। छात्रों का आरोप है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। आम आदमी पार्टी ने छात्रों की इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा है कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस सरकार को जवाब देना ही होगा।
गोपाल राय का सरकार पर तीखा हमला: “मोदी हटाओ, देश बचाओ” का नारा
आज छात्रों का आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है।
अगर मोदी सरकार देश के नौजवानों की धैर्य की परीक्षा लेगी, उनके आंदोलन को कुचलने की कोशिश करेगी, तो कल इसी जंतर-मंतर से एक नई आवाज़ गूंजेगी-
“मोदी हटाओ, देश बचाओ।”
— @AapKaGopalRai जी, गुजरात प्रदेश प्रभारी,… pic.twitter.com/UEO5tCszUq
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 19, 2026
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के बीच आप नेता गोपाल राय ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “आज देश का छात्र आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। अगर मोदी सरकार ने देश के युवाओं के सब्र का इम्तिहान लिया या उनके इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कोशिश की, तो कल इसी जंतर-मंतर से एक नई और बुलंद आवाज गूंजेगी—’मोदी हटाओ, देश बचाओ’।”
गोपाल राय के इस बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष अब इस छात्र आंदोलन को एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक अभियान में बदलने की तैयारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि युवाओं की आवाज को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध किया जाएगा।
संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दूसरी तरफ, मानसून सत्र के पहले ही दिन छात्रों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा संसद मार्च के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है। नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी और बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के मार्च को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।