Gift Nifty में बढ़त से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत के संकेत हैं। Nifty के लिए 24,700 रेजिस्टेंस और 24,500 अहम सपोर्ट है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार, 10 अगस्त का कारोबारी सत्र सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) सुबह 7:42 बजे 24,670.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद के मुकाबले 29 अंक यानी 0.12 फीसदी की बढ़त दर्शाता है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सोमवार को हल्की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत कर सकता है। हालांकि, बाजार की दिशा पर घरेलू संकेतों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रम का भी असर देखने को मिल सकता है।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजार को सोमवार सुबह एशियाई शेयर बाजारों से भी सपोर्ट मिलता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। व्यापक एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में निवेशकों के सेंटीमेंट को अमेरिका से आए रोजगार संबंधी अपेक्षा से कमजोर आंकड़ों से भी सहारा मिला है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के नरम रहने से निवेशकों के बीच फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर तत्काल आक्रामक रुख की आशंका कुछ कम हुई है। इसका असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांकों ने रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार किया। इसका सकारात्मक प्रभाव सोमवार को एशियाई बाजारों और भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए बाजार में तेजी के संकेत
गिफ्ट निफ्टी को भारतीय शेयर बाजार के शुरुआती संकेतक के तौर पर देखा जाता है। सोमवार सुबह इसमें 29 अंकों की तेजी से संकेत मिल रहा है कि निफ्टी 50 पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद कुछ सुधार के साथ खुल सकता है। हालांकि, शुरुआती तेजी का मतलब पूरे दिन बाजार में तेजी रहना नहीं है। कारोबार के दौरान वैश्विक संकेतों और निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली के आधार पर बाजार की दिशा बदल सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशक चुनिंदा शेयरों पर ही ध्यान दे सकते हैं और बड़े दांव लगाने से बच सकते हैं।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर बाजार की नजर
भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव है। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने को लेकर बातचीत अंतिम चरण में होने की बात सामने आई है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की ओर से कुछ शर्तें पूरी किए जाने के बाद ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोला जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए इससे जुड़ी किसी भी खबर का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर और WTI क्रूड करीब 79 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की कीमतें भारत के लिए अहम
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर देश के आयात बिल, रुपये की कीमत, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, सकारात्मक क्षेत्रीय संकेतों के कारण भारतीय बाजार स्थिर से सकारात्मक शुरुआत कर सकता है, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के बीच निवेशक सतर्क रह सकते हैं।
निफ्टी के लिए 24,600-24,700 जोन अहम
तकनीकी स्तरों की बात करें तो निफ्टी के लिए 24,600 से 24,700 का क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि निफ्टी 24,700 के ऊपर निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट देने में सफल रहता है तो बाजार में तेजी का रुख मजबूत हो सकता है। इसके बाद निफ्टी 24,800 से 25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
हालांकि, अगर बाजार इस महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन को पार करने में विफल रहता है तो मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए सपोर्ट लेवल भी महत्वपूर्ण होंगे।
24,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे 24,400 से 24,300 का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन हो सकता है। यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो बाजार में रिकवरी की संभावना कायम रह सकती है।
वहीं, इन सपोर्ट स्तरों के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए सोमवार के कारोबार में 24,500 और 24,700 के बीच की चाल बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में आई थी गिरावट
इससे पहले शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। BSE सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 फीसदी टूटकर 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी 50 में 65.35 अंकों यानी 0.27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,570.65 पर बंद हुआ।
शुक्रवार की गिरावट मुख्य रूप से निजी बैंकों और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के कारण देखने को मिली। ऐसे में सोमवार को बाजार के लिए सकारात्मक वैश्विक संकेत राहत देने वाले हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए सोमवार का दिन अहम
कुल मिलाकर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी की बढ़त, एशियाई बाजारों की मजबूती और अमेरिकी बाजारों के रिकॉर्ड बंद से घरेलू बाजार को शुरुआती सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी खबरें, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बाजार की तेजी पर दबाव डाल सकते हैं।
निफ्टी के लिए 24,700 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। इसके ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट बाजार में नई तेजी का रास्ता खोल सकता है, जबकि 24,500 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में सोमवार को निवेशकों की नजर गिफ्ट निफ्टी, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों के साथ इन महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर भी बनी रहेगी।