Share Market Today: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, बैंकिंग और ऑयल-गैस शेयरों पर दबाव; जानें बाजार का हाल

Share Market Today: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, बैंकिंग और ऑयल-गैस शेयरों पर दबाव; जानें बाजार का हाल

 

Share Market Today: सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 116 अंक और निफ्टी 42 अंक फिसले। बैंकिंग और ऑयल-गैस शेयरों पर दबाव, जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस।

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 10 अगस्त को शुरुआती कारोबार के दौरान सावधानी का माहौल देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रहने के बाद प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में चले गए। बैंकिंग और ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया, जबकि आईटी, मेटल और फार्मा जैसे कुछ सेक्टरों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के महंगाई से जुड़े अहम आंकड़ों पर है। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। सुबह करीब 9:50 बजे बीएसई सेंसेक्स 116.37 अंक यानी 0.15 फीसदी गिरकर 78,382.80 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 41.95 अंक यानी 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 24,528.70 पर पहुंच गया।

India VIX में बढ़ोतरी, बाजार में बढ़ी अस्थिरता

शुरुआती कारोबार में India VIX में भी तेजी देखने को मिली। India VIX करीब 4.54 फीसदी बढ़कर 12.71 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में अस्थिरता का यह संकेत बताता है कि निवेशक फिलहाल तेजी के बावजूद जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे हैं। अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में घरेलू निवेशक भी वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे महंगाई, रुपये की स्थिति और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।

IT, फार्मा और मेटल शेयरों में खरीदारी

जहां बैंकिंग और ऑयल-गैस सेक्टर दबाव में रहे, वहीं बाजार के कुछ हिस्सों में खरीदारी का माहौल बना रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। फार्मा सेक्टर भी 0.35 फीसदी ऊपर रहा, जबकि मेटल इंडेक्स में 0.31 फीसदी की तेजी आई। ऑटो इंडेक्स 0.25 फीसदी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 0.21 फीसदी चढ़ा। मिडकैप शेयरों में भी अपेक्षाकृत मजबूती नजर आई। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.11 फीसदी की बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में पूरी तरह से बिकवाली का माहौल नहीं है और निवेशक चुनिंदा सेक्टरों तथा शेयरों में अवसर तलाश रहे हैं।

सेंसेक्स के इन शेयरों में दिखी तेजी

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाइटन सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहा। शुरुआती कारोबार में टाइटन के शेयर में करीब 1.75 फीसदी की तेजी देखी गई। इसके अलावा टाटा स्टील, एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और आईसीआईसीआई बैंक भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर एसबीआई के शेयर में करीब 1.37 फीसदी की गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज भी दबाव में रहे। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी का असर व्यापक बाजार की धारणा पर भी पड़ा।

Nifty के लिए 24,450-24,500 अहम सपोर्ट

तकनीकी नजरिए से बाजार की तस्वीर अभी पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुई है। Choice Broking के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,450-24,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट जोन के तौर पर महत्वपूर्ण है। वहीं 24,750-24,800 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। उनके मुताबिक, निफ्टी निकट अवधि में कंसोलिडेशन के दौर से गुजर सकता है। अगर इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना रहता है तो बाजार की सकारात्मक संरचना कायम रह सकती है। वहीं 24,750-24,800 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने पर नई खरीदारी देखने को मिल सकती है।

Bank Nifty में भी दबाव

बैंकिंग शेयरों पर दबाव का असर Bank Nifty पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में Nifty Bank करीब 0.23 फीसदी गिरकर 57,615.95 के आसपास कारोबार कर रहा था। Nifty Financial Services इंडेक्स में भी करीब 0.26 फीसदी की कमजोरी रही। सबसे ज्यादा दबाव Nifty PSU Bank इंडेक्स पर नजर आया, जो करीब 0.80 फीसदी गिर गया। तकनीकी स्तर पर Bank Nifty के लिए 57,300-57,500 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 58,200-58,500 का क्षेत्र प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है।

ग्लोबल संकेतों पर बाजार की नजर

एशियाई बाजारों में सोमवार को ज्यादातर इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तरों पर बंद हुआ था। अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद तत्काल फेड रेट बढ़ोतरी की आशंकाएं कुछ कम हुई थीं, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा। हालांकि, अब निवेशकों की नजर बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी कंज्यूमर इंफ्लेशन आंकड़ों पर है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। कुल मिलाकर घरेलू बाजार का सेटअप फिलहाल सावधानी के साथ सकारात्मक नजर आ रहा है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली और वैश्विक घटनाक्रम के कारण आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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