श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बावजूद गौतम गंभीर को BCCI का समर्थन जारी रहेगा। जानें गंभीर, VVS लक्ष्मण और टीम इंडिया के भविष्य पर क्या रिपोर्ट कहती है।
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच बड़ी खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अगर भारतीय टीम हार भी जाती है, तब भी गंभीर को तत्काल पद से हटाए जाने की संभावना नहीं है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर को अब भी मजबूत समर्थन दे रहा है और मानता है कि टेस्ट टीम इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे में कोच को एक स्थिर और मजबूत रेड-बॉल टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
टेस्ट टीम के ट्रांजिशन को ध्यान में रख रहा है BCCI
गंभीर ने 2024 में राहुल द्रविड़ के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल में टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े खिताब जीते हैं। हालांकि, रेड-बॉल क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, BCCI का मानना है कि टेस्ट टीम में कई बदलाव हो रहे हैं और इस प्रक्रिया को पूरा होने में समय लगेगा। इसलिए केवल एक टेस्ट सीरीज के नतीजे के आधार पर गंभीर को हटाना बोर्ड की मौजूदा रणनीति का हिस्सा नहीं है।
भारत का टेस्ट क्रिकेट में पिछला दौर खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उसे 1-3 की हार झेलनी पड़ी। नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया, जिससे गंभीर के टेस्ट रिकॉर्ड और टीम की रणनीति पर सवाल और गहरे हो गए।
श्रीलंका सीरीज गंभीर के लिए अहम परीक्षा
श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज गंभीर और भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है। सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली है और यह भारत के लिए 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान का हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस सीरीज में कुछ अहम खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में उतरेगा, जिससे टीम मैनेजमेंट के सामने चुनौती और बढ़ सकती है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर संयोजन तैयार करना होगा।
यदि भारत श्रीलंका के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाता है, तो निश्चित तौर पर गंभीर पर दबाव बढ़ेगा। हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि BCCI तुरंत कोई अंतरिम कोच नियुक्त करने के पक्ष में नहीं है। बोर्ड रेड-बॉल टीम के पुनर्निर्माण को एक लंबी प्रक्रिया के तौर पर देख रहा है।
क्या VVS लक्ष्मण संभाल सकते हैं जिम्मेदारी?
गंभीर के खराब नतीजों के बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज और BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम संभावित विकल्प के तौर पर सामने आता रहा है। हालांकि, मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण अपनी वर्तमान भूमिका में अधिक सहज हैं और तत्काल भारतीय सीनियर टेस्ट टीम की कोचिंग संभालने के इच्छुक नहीं माने जा रहे।
लक्ष्मण पहले भी भारतीय टीम के अंतरिम कोच की भूमिका निभा चुके हैं। 2024 में उन्हें मुख्य कोच बनने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की और इसके बाद गंभीर को टीम का मुख्य कोच बनाया गया। इसलिए फिलहाल लक्ष्मण को गंभीर के तत्काल विकल्प के रूप में देखना जल्दबाजी होगी।
स्प्लिट कोचिंग का विकल्प भी अभी दूर
भारतीय क्रिकेट में अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच रखने की चर्चा समय-समय पर होती रही है, लेकिन अभी तक स्प्लिट कोचिंग को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि लक्ष्मण अपनी मौजूदा भूमिका छोड़ने का फैसला करते हैं, तभी परिस्थितियां बदल सकती हैं। हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है और यह संभावना केवल काल्पनिक स्तर पर है।
इसका मतलब यह है कि टेस्ट क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने के बावजूद BCCI गंभीर को कुछ और समय देने के मूड में है। वहीं, छोटे फॉर्मेट में गंभीर का भविष्य और भी सुरक्षित माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह कम से कम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम के साथ बने रहेंगे।
गंभीर की उपलब्धियां भी BCCI के फैसले में अहम
गंभीर के आलोचकों के लिए टेस्ट क्रिकेट के नतीजे चिंता का विषय जरूर हैं, लेकिन उनके कार्यकाल की पूरी तस्वीर सिर्फ टेस्ट प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। उनके नेतृत्व में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता है। यही वजह है कि BCCI उनके कार्यकाल को केवल खराब टेस्ट परिणामों के आधार पर खत्म करने के बजाय पूरी अवधि का आकलन करने के पक्ष में नजर आ रहा है।
हालांकि, भारतीय टीम के टेस्ट प्रदर्शन में सुधार की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की घरेलू हार ने पहले ही गंभीर के टेस्ट कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे में श्रीलंका दौरा उनके लिए सिर्फ एक और सीरीज नहीं, बल्कि टीम के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर होगा।
श्रीलंका दौरे के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर गौतम गंभीर की कुर्सी सुरक्षित नजर आ रही है, भले ही भारत श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज हार जाए। BCCI टेस्ट टीम को संक्रमण के दौर से गुजरती इकाई मानकर गंभीर को समय देना चाहता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नतीजों का कोई महत्व नहीं होगा। लगातार खराब प्रदर्शन जारी रहने पर बोर्ड को भविष्य में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। अभी के लिए गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसी टेस्ट टीम तैयार करने की है जो युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के संतुलन के साथ लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनी रहे। श्रीलंका सीरीज इस प्रक्रिया की दिशा और गंभीर के भविष्य को लेकर आगे की बहस के लिए अहम संकेत दे सकती है।