अमित मिश्रा ने गौतम गंभीर का बचाव करते हुए कहा कि टेस्ट टीम के खराब प्रदर्शन के लिए अकेले कोच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने मुख्य कोच गौतम गंभीर का समर्थन करते हुए कहा है कि किसी भी कोच को टीम तैयार करने और अपनी रणनीति लागू करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। मिश्रा के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के हालिया खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ कोच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा, क्योंकि खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। भारत इस समय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में ऐसी स्थिति में है, जहां आगे का हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। टीम अब श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर जाने वाली है और यह सीरीज उसके लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं के लिहाज से अहम साबित हो सकती है। ऐसे में गंभीर पर बढ़ते दबाव के बीच अमित मिश्रा का बयान उन्हें राहत देने वाला माना जा रहा है।
‘कोच को समय देना जरूरी है’
अमित मिश्रा ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी कोच के लिए तुरंत परिणाम हासिल करना आसान नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को भी मैदान पर अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मिश्रा के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से एक ही मुख्य कोच द्वारा सभी फॉर्मेट संभालने की परंपरा रही है और इसे देखते हुए किसी नए कोच को अपनी टीम बनाने के लिए समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के पास इस समय कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास अनुभव कम है। ऐसे खिलाड़ियों के साथ एक मजबूत टीम तैयार करने में समय लगता है और कोच तथा खिलाड़ियों दोनों को एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलना चाहिए।
मिश्रा ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी भारतीय टीम के साथ खुद को स्थापित करने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा था। इसके बाद टीम के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला। उनका मानना है कि गंभीर के मामले में भी धैर्य रखना जरूरी है और कुछ खराब नतीजों के आधार पर उनके काम का आकलन करना उचित नहीं होगा।
खिलाड़ियों को भी लेनी होगी जिम्मेदारी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ कोच की रणनीति ही पर्याप्त नहीं होती। खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय टीम में शामिल होने वाला प्रत्येक खिलाड़ी देश की विशाल आबादी में से चुने गए सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में शामिल होता है। इसलिए जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचता है, तो उससे परिस्थितियों और पिच के व्यवहार को समझने की उम्मीद की जाती है।
मिश्रा ने कहा कि खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि अलग-अलग परिस्थितियों में किस तरह बल्लेबाजी या गेंदबाजी करनी है। पिच का मिजाज, मैच की स्थिति और विपक्षी टीम की रणनीति देखकर अपना खेल बदलना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी वजह से वह गंभीर को टेस्ट टीम के मौजूदा प्रदर्शन के लिए दोषी नहीं मानते। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को मैदान पर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और खराब प्रदर्शन की जवाबदेही भी साझा करनी होगी।
गंभीर और अमित मिश्रा का पुराना रिश्ता
अमित मिश्रा और गौतम गंभीर की क्रिकेट से जुड़ी पहचान काफी पुरानी है। दोनों ने घरेलू क्रिकेट में एक-दूसरे के साथ खेला है और आईपीएल में भी उनका लंबा जुड़ाव रहा है। गंभीर की कप्तानी में अमित मिश्रा दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेल चुके हैं। इसके अलावा 2023 के आईपीएल सीजन में जब गंभीर लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर थे, तब मिश्रा भी टीम का हिस्सा थे। इस लंबे पेशेवर संबंध के कारण मिश्रा गंभीर के काम करने के तरीके और क्रिकेट को लेकर उनकी सोच से अच्छी तरह परिचित हैं।
यही वजह है कि उनका गंभीर के पक्ष में खुलकर सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपने बयान में व्यक्तिगत संबंधों के बजाय टीम के मौजूदा हालात और टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों पर जोर दिया है।
ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है भारतीय टेस्ट टीम
भारतीय टेस्ट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कई अनुभवी खिलाड़ियों के बाद टीम में नए चेहरों को मौका दिया जा रहा है। चोटों ने भी टीम मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ाई हैं। श्रीलंका दौरे के लिए चुने गए मौजूदा टेस्ट समूह में गुरनूर बराड़, सारांश जैन और औकिब नबी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है।
ऐसे में युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की मांगों के अनुसार ढालना आसान नहीं होगा। टेस्ट क्रिकेट में तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों को समझने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होती है। नए खिलाड़ियों को समय देकर तैयार करना टीम के लंबे समय के भविष्य के लिए जरूरी हो सकता है।
श्रीलंका सीरीज पर टिकी नजरें
भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज बेहद अहम है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा स्थिति को देखते हुए टीम को हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। हालिया दौर में टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं और गंभीर पर भी दबाव बढ़ा है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में भी भारत का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम मैनेजमेंट की आलोचना हुई।
हालांकि, अमित मिश्रा का मानना है कि किसी भी कोच को कुछ नतीजों के आधार पर कठघरे में खड़ा करने के बजाय उसे टीम तैयार करने का पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों और कोच के बीच तालमेल विकसित होने में समय लगता है।
गंभीर के लिए बढ़ता समर्थन
गौतम गंभीर के लिए अमित मिश्रा का बयान ऐसे समय आया है जब उनके भविष्य और टीम के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मिश्रा ने साफ कर दिया है कि टेस्ट क्रिकेट में मौजूदा स्थिति के लिए केवल कोच को दोष देना उचित नहीं है। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को भी परिस्थितियों के अनुसार प्रदर्शन करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
अब सभी की नजरें श्रीलंका दौरे पर होंगी। अगर युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन भारतीय टीम के पक्ष में काम करता है और टीम बेहतर परिणाम हासिल करती है, तो गंभीर पर बना दबाव कम हो सकता है। फिलहाल अमित मिश्रा का संदेश यही है कि भारतीय टेस्ट टीम को बदलाव के इस दौर में धैर्य, समय और खिलाड़ियों की सामूहिक जिम्मेदारी—तीनों की जरूरत है।