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हरियाणा भवन में गांधी जयंती पर राज्यपाल असीम कुमार घोष और श्रीमती मित्रा घोष ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की। अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा में शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर हरियाणा भवन में श्रद्धा और गरिमा के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन
गांधी जयंती के अवसर पर हरियाणा भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और श्रीमती मित्रा घोष ने महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। दोनों महान विभूतियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों और देश के प्रति समर्पण को नमन किया गया।
महात्मा गांधी की जयंती प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। वहीं, इसी दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी होती है। दोनों नेताओं ने देश के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा का आयोजन
हरियाणा लोक भवन में श्रद्धा एवं गरिमा के साथ गांधी जयंती मनाई गई।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष एवं प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
इस अवसर पर आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना… pic.twitter.com/B3JRsp5LJi
— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 2, 2026
कार्यक्रम के दौरान अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया। इसमें विभिन्न धार्मिक परंपराओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। प्रार्थना सभा के माध्यम से लोगों के बीच आपसी सम्मान और एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर विशेष जोर दिया गया। गांधी जी के विचारों में सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से इन मूल्यों को सार्वजनिक जीवन में याद करने और अपनाने का संदेश दिया जाता है।
शांति और भाईचारे का संदेश
हरियाणा भवन में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में शांति और भाईचारे को समाज की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा ने विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव और एकता की भावना को सामने रखा।
महात्मा गांधी ने अपने सार्वजनिक जीवन में अहिंसा और सामाजिक एकता पर जोर दिया था। गांधी जयंती के अवसर पर उनके विचारों को याद करते हुए समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय एकता पर जोर
कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विभिन्न समुदायों और धार्मिक परंपराओं की भागीदारी के साथ आयोजित प्रार्थना सभा का उद्देश्य एकता और सद्भाव का संदेश देना रहा।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं और आधिकारिक हरियाणा लोक भवन रिकॉर्ड में उनके साथ श्रीमती मित्रा घोष का उल्लेख लेडी गवर्नर के रूप में किया गया है।
गांधी और शास्त्री के आदर्शों को किया याद
गांधी जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया गया। दोनों नेताओं की जयंती एक ही दिन होने के कारण 2 अक्टूबर देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
हरियाणा भवन में आयोजित समारोह ने श्रद्धांजलि के साथ-साथ शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिया। अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान और सद्भाव की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।