क्या सिर्फ पानी से फल-सब्जियां धोना काफी है? जानिए 99% तक कीटनाशक हटाने का दावा करने वाली नई तकनीक

क्या सिर्फ पानी से फल-सब्जियां धोना काफी है? जानिए 99% तक कीटनाशक हटाने का दावा करने वाली नई तकनीक

 

क्या केवल पानी से फल और सब्जियां धोना पर्याप्त है? जानिए कीटनाशकों और बैक्टीरिया को हटाने का सही तरीका, नई फूड वॉश तकनीक, इसके फायदे और सुरक्षित भोजन से जुड़ी जरूरी जानकारी।

फल और सब्जियां हमारे दैनिक आहार का अहम हिस्सा हैं। डॉक्टर भी रोजाना ताजे फल और हरी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन फलों और सब्जियों को आप स्वस्थ रहने के लिए खा रहे हैं, वे वास्तव में कितने सुरक्षित हैं? खेत से लेकर आपकी रसोई तक पहुंचने के दौरान इन पर कीटनाशकों के अवशेष, धूल, प्रदूषण, बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव जमा हो सकते हैं। ऐसे में केवल पानी से धोकर इन्हें खाना कई बार पर्याप्त नहीं माना जाता। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए पुणे स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (CSIR-National Chemical Laboratory) की वैज्ञानिक अस्मिता प्रभुणे ने एक विशेष तकनीक विकसित की है, जिसका उद्देश्य फलों और सब्जियों की बेहतर सफाई सुनिश्चित करना है।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

आज आधुनिक खेती में फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है। हालांकि इनका नियंत्रित उपयोग फसलों के लिए आवश्यक हो सकता है, लेकिन इनके अवशेष यदि भोजन के साथ शरीर में पहुंच जाएं तो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। हाल के वर्षों में भारतीय कृषि उत्पादों में कीटनाशक अवशेष पाए जाने को लेकर कई देशों ने चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, जून में नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर कीटनाशकों से जुड़ी चिंताओं के कारण रोक लगा दी थी। वहीं, यूरोप के कई देशों ने भी पिछले वर्षों में इसी तरह की वजहों से भारतीय कृषि उत्पादों की खेप वापस लौटा दी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक कीटनाशकों के संपर्क में रहने से सिरदर्द, त्वचा संबंधी समस्याएं, श्वसन संक्रमण, हार्मोनल असंतुलन और गंभीर मामलों में कैंसर, पार्किंसन रोग तथा बच्चों में ध्यान संबंधी विकार (ADHD) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

क्या केवल पानी से धोना पर्याप्त है?

अधिकांश लोग मानते हैं कि बहते पानी से फल और सब्जियां धो लेने, नमक के पानी में भिगोने या सिरके से साफ करने से सभी हानिकारक तत्व निकल जाते हैं। लेकिन वैज्ञानिक अस्मिता प्रभुणे के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। उनका कहना है कि कई प्रकार के कीटनाशक और रासायनिक अवशेष फलों और सब्जियों की सतह पर मजबूती से चिपके रहते हैं, जिन्हें केवल पानी से हटाना आसान नहीं होता।

इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत अल्कोहल-रहित सैनिटाइजर विकसित किया था। इसके बाद उन्होंने ग्रीन पिरामिड बायोटेक (Green Pyramid Biotech) नामक स्टार्टअप की स्थापना की, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा और फलों-सब्जियों की स्वच्छता को बेहतर बनाना है।

क्या है Sophab और कैसे करता है काम?

ग्रीन पिरामिड बायोटेक का प्रमुख उत्पाद Sophab एक विशेष कंसंट्रेट है, जिसे फलों और सब्जियों से कीटनाशकों, रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों और रासायनिक अवशेषों को हटाने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि इसका सही तरीके से उपयोग करने पर यह 99 प्रतिशत तक हानिकारक अवशेषों को हटाने में मदद कर सकता है।

इसे इस्तेमाल करना भी काफी आसान बताया गया है। सबसे पहले निर्धारित मात्रा में इस कंसंट्रेट को पानी में मिलाया जाता है। फिर फल या सब्जियों को इस घोल में दो से तीन मिनट तक भिगोकर हल्के हाथों से रगड़ा जाता है। इसके बाद साफ पानी से धोकर उपयोग किया जा सकता है। कंपनी का यह भी दावा है कि उपयोग के बाद बचा हुआ पानी पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिर्फ सफाई ही नहीं, बढ़ सकती है ताजगी भी

वैज्ञानिक अस्मिता प्रभुणे के अनुसार, इस तरह की सफाई से केवल कीटनाशक और बैक्टीरिया ही नहीं हटते, बल्कि फल और सब्जियों की सतह पर जमी धूल, गंदगी और सूक्ष्मजीव भी कम हो जाते हैं। इससे उनकी ताजगी लंबे समय तक बनी रह सकती है और खराब होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। कंपनी भविष्य में अमरूद जैसे फलों के लिए एक “वाइप एंड ईट” (पोंछकर सीधे खाने योग्य) उत्पाद भी बाजार में लाने की तैयारी कर रही है।

घर पर फल-सब्जियां साफ करते समय रखें ये सावधानियां

यदि आपके पास विशेष फूड वॉश उपलब्ध नहीं है, तब भी कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है। हमेशा बहते पानी में फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं। पत्तेदार सब्जियों की बाहरी परत हटा दें और उन्हें अलग-अलग साफ करें। जिन फलों का छिलका उतारा जा सकता है, उन्हें छीलकर खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। कटे हुए फल या सब्जियां लंबे समय तक खुले में न रखें और हमेशा ताजा सामग्री का उपयोग करें।

 

आज के समय में केवल पौष्टिक भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि हमारा भोजन सुरक्षित और स्वच्छ हो। फल और सब्जियों पर मौजूद कीटनाशक अवशेष और सूक्ष्मजीव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीकें और उत्पाद इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। हालांकि किसी भी उत्पाद के दावों को उपयोग से पहले समझना और निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। सुरक्षित भोजन की शुरुआत सही सफाई से होती है और यही आदत लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकती है।

 

 

 

 

 

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