Table of Contents
बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में Foxconn की नई फैक्ट्री ने सिर्फ 9 महीनों में 30,000 नौकरियां दी हैं, जिनमें से 80% महिलाएं हैं। जानें कैसे यह पहल महिला सशक्तिकरण और भारतीय टेक इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है।
फॉक्सकॉन (Foxconn), जो कि ऐप्पल के लिए आईफोन असेंबल करने वाली ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है, ने बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में अपनी नई फैक्ट्री में चंद महीनों के भीतर 30,000 कर्मचारियों को नौकरी दी है। इस पहल को ‘प्रोजेक्ट एलिफेंट’ के तहत बड़ी सफलता मानी जा रही है, जहां अब तक किसी भी फैक्ट्री में इतनी बड़ी हायरिंग देखी गई है।
इस नए आईफोन असेंबली प्लांट की सबसे खास बात यह है कि यहां की अधिकतर कार्यशक्ति महिला कर्मचारी हैं। लगभग 80% कर्मचारी महिलाएं हैं, जिनमें से ज्यादातर 19-24 साल की उम्र की हैं और यह उनकी पहली नौकरी है।
महिला कर्मचारियों का प्रभुत्व और इस प्रोजेक्ट की विस्तार योजना
Foxconn के इस प्रोजेक्ट में महिलाओं का योगदान प्रमुख है, और यह कंपनी की तरफ से महिलाओं को कार्यबल में शामिल करने की एक बड़ी पहल है। कंपनी का उद्देश्य और योजना इसे एक महिला-प्रधान कार्यस्थल बनाने की है, जहां महिलाओं को एक सुरक्षित और समृद्ध वातावरण मिल सके।
also read: भारतीय रुपया में दिखा मजबूती का संकेत, डॉलर के मुकाबले 24…
50,000 लोगों को रोजगार देने की क्षमता
इस फैक्ट्री की कुल क्षमता 50,000 कर्मचारियों तक पहुंचने की है। यह परियोजना पूरी तरह से एक स्वायत्त टाउनशिप के रूप में विकसित की जा रही है, जहां फैक्ट्री परिसर में ही आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूलिंग और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सैलरी और सुविधाएं
फॉक्सकॉन की इस यूनिट में काम करने वालों को 18,000 रुपये तक की सैलरी दी जा रही है, और उन्हें रहने के लिए मुफ्त आवास और सब्सिडी वाले भोजन की सुविधा भी दी जा रही है। यह पहल न केवल स्थानीय क्षेत्र में बल्कि आस-पास के राज्यों में भी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे रही है।
फॉक्सकॉन की उत्पादन योजनाएं
यह फैक्ट्री आईफोन 16 और अब आईफोन 17 Pro Max जैसे प्रोडक्ट्स के असेंबलिंग का काम कर रही है। फॉक्सकॉन की योजना है कि यहां उत्पादित अधिकांश यूनिट्स विदेशी बाजारों में भेजी जाएं।
नौकरी और करियर के अवसर
इस परियोजना से न केवल हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है, बल्कि यह बेंगलुरु और इसके आसपास के क्षेत्रों में विकास और समृद्धि की नई राह खोलने का भी काम कर रहा है। साथ ही, यह देश में तकनीकी उत्पादन के क्षेत्र में एक नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।