मानसून में सेहत का रखें खास ख्याल: इन 7 फूड्स को खाने से बचें, वरना हो सकते हैं बीमार

मानसून में सेहत का रखें खास ख्याल: इन 7 फूड्स को खाने से बचें, वरना हो सकते हैं बीमार

 

मानसून में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सेहतमंद रहने के लिए जानें वे 7 फूड्स जिन्हें बारिश के मौसम में खाने से बचना चाहिए।

मानसून का आगमन चिलचिलाती गर्मी से तो राहत लाता है, लेकिन अपने साथ नमी, उमस और बैक्टीरिया के पनपने का अनुकूल वातावरण भी लेकर आता है। बारिश के मौसम में हवा में नमी और जगह-जगह जमा पानी के कारण भोजन जल्दी दूषित हो जाता है, जिससे पेट संबंधी संक्रमण (digestive infections) का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में हमारी पाचन शक्ति भी थोड़ी कमजोर हो जाती है, इसलिए आहार का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। यहाँ 7 ऐसे खाद्य पदार्थ दिए गए हैं जिन्हें मानसून के दौरान सावधानी से खाना चाहिए या परहेज करना चाहिए:

1. बाहर का स्ट्रीट फूड (Street Food)

बारिश में चाट, गोलगप्पे या गरमा-गरम पकौड़ों की खुशबू किसी को भी लुभा सकती है, लेकिन मानसून में स्ट्रीट फूड सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है। खुले वातावरण में तैयार भोजन में नमी और दूषित पानी के कारण बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं। असुरक्षित तरीके से हैंडल किए गए ये खाद्य पदार्थ पेट दर्द, दस्त और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बनते हैं। इसलिए, इस दौरान बाहर की चटपटी चीजों से परहेज करना ही बेहतर है।

2. पत्तेदार सब्जियां (Leafy Green Vegetables)

पालक, मेथी, पत्ता गोभी और सलाद के पत्ते जैसी पत्तेदार सब्जियों में बारिश के मौसम में कीड़े और गंदगी फंसने की संभावना बहुत अधिक होती है। नमी के कारण इन पर सूक्ष्मजीव (microbes) बहुत तेजी से विकसित होते हैं। हालांकि ये सब्जियां पौष्टिक होती हैं, लेकिन मानसून में इन्हें कच्चा खाने के बजाय पूरी तरह धोकर और अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। कच्ची हरी सब्जियां इस मौसम में संक्रमण का बड़ा जरिया बन सकती हैं।

3. बाहर कटे हुए फल (Cut Fruits Sold Outside)

ताजे फल स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन सड़क किनारे बिकने वाले पहले से कटे हुए फल खतरनाक हो सकते हैं। लंबे समय तक हवा और नमी के संपर्क में रहने के कारण ये फल मक्खियों और बैक्टीरिया का केंद्र बन जाते हैं। यदि आपको फल खाने की इच्छा है, तो हमेशा साबुत फल घर लाएं, उन्हें अच्छी तरह धोएं और खाने से ठीक पहले काटें।

4. सीफूड और मछलियाँ (Seafood)

मानसून का समय कई मछलियों और समुद्री जीवों के लिए प्रजनन काल (breeding season) होता है। इसके अलावा, उच्च आर्द्रता और परिवहन में देरी के कारण समुद्री भोजन के जल्दी खराब होने का खतरा रहता है। फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बारिश के मौसम में सीफूड खाने से बचें या यदि खाना ही है, तो बहुत विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदें और इसे अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

5. अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थ (Excessively Fried Foods)

समोसे, पकौड़े और चिप्स मानसून में सबका पसंदीदा नाश्ता होते हैं, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन पाचन तंत्र पर भारी दबाव डालता है। बारिश के दौरान शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, ऐसे में भारी और तैलीय भोजन करने से ब्लोटिंग (पेट फूलना), एसिडिटी और बदहजमी की समस्या हो सकती है। यह भोजन आलस और सुस्ती भी बढ़ाता है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।

6. कच्चा सलाद (Raw Salads)

मानसून में सलाद के नाम पर कच्ची सब्जियां खाने से पहले सौ बार सोचें। कीचड़ वाली स्थिति और दूषित पानी के कारण कच्ची सब्जियों में बैक्टीरिया होने का खतरा बढ़ जाता है। पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस सीजन में कच्चे सलाद के बजाय सब्जियों को हल्का भाप (steaming) देकर या पकाकर खाना चाहिए। इससे संक्रमण का जोखिम काफी कम हो जाता है।

7. डेयरी उत्पाद (Improperly Stored Dairy)

दूध और दूध से बने उत्पाद उमस भरी गर्मी में बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं। यदि इन्हें सही तापमान पर रेफ्रिजरेट न किया जाए, तो ये बैक्टीरिया के लिए प्रजनन स्थल बन जाते हैं। दूषित डेयरी उत्पादों का सेवन करने से गंभीर पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। हमेशा जांच लें कि दूध और अन्य डेयरी उत्पाद सही तरीके से स्टोर किए गए हैं या नहीं। घर का ताजा जमाया हुआ दही सुरक्षित विकल्पों में से एक है।

मानसून का आनंद लेने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी सेहत से समझौता करें। अपनी डाइट में स्वच्छता और ताजगी को प्राथमिकता देकर आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। बाहर का बना खाना खाने के बजाय घर के बने ताजा और साफ-सुथरे भोजन पर ध्यान दें। याद रखें, ‘सावधानी ही बचाव है’, और इस बारिश के मौसम में आपकी खान-पान की आदतें ही आपको स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखेंगी। तो, इन टिप्स को अपनाएं और एक सुरक्षित व सेहतमंद मानसून का लुत्फ उठाएं!

Related posts

भारतीय रेलवे का सख्त फरमान: नियमों के उल्लंघन पर अब लगेगा भारी जुर्माना; जानें क्या है नया नियम

चिकित्सा पर्यटन में विश्वास और मानवीय संवेदना: क्या तकनीक से भी महत्वपूर्ण है मरीज का भावनात्मक सहारा?

भारत में कॉकटेल का बदलता दौर: स्पाइसी कॉकटेल बने नए पसंदीदा; टकीला और मसालों का शानदार मेल

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More