फीफा वर्ल्ड कप 2026: चैंपियन स्पेन पर हुई रिकॉर्ड पैसों की बारिश; विजेता को मिले $50 मिलियन, कुल प्राइज पूल में 50% की भारी बढ़ोतरी

फीफा वर्ल्ड कप 2026: चैंपियन स्पेन पर हुई रिकॉर्ड पैसों की बारिश; विजेता को मिले $50 मिलियन, कुल प्राइज पूल में 50% की भारी बढ़ोतरी

 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना को हराकर स्पेन ने खिताब जीता। चैंपियन स्पेन को रिकॉर्ड $50 मिलियन की इनामी राशि मिलेगी, जो वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम करने वाली स्पेनिश टीम पर सिर्फ फुटबॉल के सबसे बड़े गौरव की ही नहीं, बल्कि पैसों की भी रिकॉर्ड बारिश हुई है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन (RFEF) को फीफा की ओर से रिकॉर्ड $50 मिलियन (लगभग ₹4,814 करोड़) की प्राइज मनी मिलेगी, जो वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी चैंपियन को मिलने वाली सबसे बड़ी इनामी राशि है।

यह राशि साल 2022 में कतर वर्ल्ड कप जीतने वाली अर्जेंटीना की टीम को मिले $42 मिलियन से करीब 19% ज्यादा है, जो इस टूर्नामेंट के बढ़ते कमर्शियल स्केल को दर्शाती है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 प्राइज मनी का पूरा ब्रेकडाउन (FIFA WC 2026 Prize Pool)
यूनाइटेड स्टेट्स, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले गए इतिहास के पहले 48-टीमीय वर्ल्ड कप में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर प्राइज मनी को काफी हद तक बढ़ाया गया है। फीफा द्वारा जारी किए गए प्राइज मनी का पूरा विवरण इस प्रकार है:

बड़ा टूर्नामेंट, बड़ा बजट: $871 मिलियन का कुल डिस्ट्रीब्यूशन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 करने के बाद मैचों की संख्या भी 64 से बढ़कर 104 हो गई थी। इस विस्तार के कारण फीफा ने कुल $871 मिलियन (लगभग ₹83,866 करोड़) का रिकॉर्ड फाइनेंशियल पैकेज मंजूर किया था। इस बड़े फंड को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

  • परफॉर्मेंस आधारित प्राइज मनी: इसके लिए $703 मिलियन का फंड रखा गया है, जो टीमों के आगे बढ़ने के सफर के हिसाब से दिया जाता है।
  • गैर-प्रदर्शन वित्तीय सहायता (तैयारी खर्च): फीफा ने सभी 48 टीमों के लिए $168 मिलियन आवंटित किए हैं ताकि टीमें अपने लॉजिस्टिक्स और ट्रेनिंग कैंप्स का खर्च उठा सकें।
  • न्यूनतम कमाई की गारंटी: इस बार टूर्नामेंट में भाग लेने वाली हर टीम को कम से कम $12.5 मिलियन (लगभग ₹1,203 करोड़) की राशि मिलना पूरी तरह तय था। इसमें $10 मिलियन ग्रुप स्टेज में खेलने की फीस और $2.5 मिलियन प्री-टूर्नामेंट ट्रेनिंग और तैयारी के ग्रांट के रूप में शामिल हैं।

खिलाड़ियों को नहीं, सीधे फुटबॉल एसोसिएशंस को मिलता है पैसा

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि फीफा यह करोड़ों डॉलर की राशि सीधे तौर पर खिलाड़ियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर नहीं करता है। यह नियम है कि पूरी प्राइज मनी संबंधित देश के राष्ट्रीय फुटबॉल संघ (जैसे स्पेन के मामले में RFEF) को ट्रांसफर की जाती है।

इसके बाद यह व्यक्तिगत फेडरेशन्स पर निर्भर करता है कि उन्होंने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों, coaching staff और support staff के साथ बोनस शेयरिंग को लेकर क्या एग्रीमेंट किया था। आमतौर पर इसका एक बड़ा हिस्सा खिलाड़ियों में बोनस के रूप में बांट दिया जाता है और बची हुई राशि का उपयोग देश में ग्रासरूट फुटबॉल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए किया जाता है।

भले ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में यह इनामी राशि रिकॉर्ड तोड़ दिखती हो, लेकिन क्लब फुटबॉल (जैसे फीफा क्लब वर्ल्ड कप) की तुलना में यह अब भी कम है, जहाँ विजेता क्लबों को $125 मिलियन तक का बड़ा पे-डे मिलता है।

 

 

 

 

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