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विदेश मंत्री एस जयशंकर: साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष की हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगी। दोनों देश मामले को द्विपक्षीय स्तर पर हल करेंगे।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान से बातचीत केवल आतंकवाद और पीओके पर होगी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दोनों देशों के बीच किसी बाहरी पक्ष की हस्तक्षेप अनुचित होगी। दोनों देश मामले को द्विपक्षीय स्तर पर हल करेंगे।
हमारे विचार में कोई बदलाव नहीं है
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के अवसर पर मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। उनका कहना था कि दोनों देशों ने वर्षों से यह निश्चय किया है कि हमारे संबंध और व्यवहार पूरी तरह से द्विपक्षीय होंगे। इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
पाकिस्तान आतंकियों को छोड़ दे
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ चर्चा सिर्फ आतंकवाद पर होगी। पाकिस्तान को आतंकवादी संस्थाओं को समाप्त करना होगा। वे सही रास्ता जानते हैं। हम आतंकवाद पर चर्चा करने को तैयार हैं। ये वार्ताएं संभव हैं। हम कश्मीर पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है।
सिंधु जल समझौता नहीं होगा
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तनाव की स्थिति में हमें बहुत सारे देशों का समर्थन मिला। UN Security Council ने कहा कि अपराधियों को दंड देना चाहिए था, और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से ऐसा हुआ। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते पर चर्चा करते हुए कहा कि यह समझौता स्थगित है और तब तक स्थगित रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को नहीं रोकता।
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