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एकनाथ शिंदे ने सरकार को ‘एंटी-यूथ’ बताए जाने के आरोप खारिज किए। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएंगे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया है, जिनमें केंद्र और सरकार को ‘एंटी-यूथ’ यानी युवाओं के खिलाफ बताया जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी है। शिंदे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने भी युवाओं और खासकर Gen Z के समर्थन में अपनी बात रखी थी। भागवत ने कहा था कि युवाओं की शिकायतें वास्तविक हैं और उनके द्वारा किए जाने वाले विरोध को देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।
युवाओं को देश की प्रगति में अहम भूमिका निभानी होगी
एकनाथ शिंदे ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं के साथ सीधे संवाद को महत्व देते हैं और यह सकारात्मक पहल है। उनके मुताबिक, युवाओं के साथ संवाद से उनकी समस्याओं और आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से लेकर स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट तक केंद्र सरकार ने युवाओं के लिए कई कदम उठाए हैं।
पीएम मोदी से महाराष्ट्र के विकास पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान शिंदे ने महाराष्ट्र में बारिश और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के हाल ही में शामिल हुए छह सांसदों को भी प्रधानमंत्री ने चाय पर मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था। शिंदे ने कहा कि इस बातचीत से सांसदों को अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सांसदों के क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई और केंद्र तथा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से इन योजनाओं को गति मिल सकती है। शिंदे ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान का किया समर्थन
Gen Z को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि युवाओं को देश के भविष्य के रूप में देखना चाहिए। भागवत ने मुंबई में युवाओं के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि उनकी शिकायतें वास्तविक हैं और विरोध करने वाले युवाओं को ‘एंटी-नेशनल’ नहीं कहा जाना चाहिए। शिंदे ने इस विचार से सहमति जताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा युवाओं के साथ किए जा रहे संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया।
‘एंटी-यूथ’ आरोप पर विपक्ष को शिंदे का जवाब
विपक्ष द्वारा सरकार को युवाविरोधी बताए जाने पर शिंदे ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विरोध कर रहा है। शिंदे ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर युवाओं की चिंता है तो उसे संसद में उठाया जाना चाहिए, ताकि सरकार और विपक्ष मिलकर उस पर विचार कर सकें।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी किया जिक्र
शिंदे ने युवा आंदोलन और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी और बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। शिंदे के मुताबिक, आंदोलन में शामिल युवा अब अपने-अपने काम पर लौट चुके हैं, लेकिन विपक्ष संसद का सत्र चलने के बावजूद इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और युवाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता के कारण ही संबंधित मामले में कार्रवाई की गई।
युवाओं के नाम पर राजनीति न करने की अपील
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर युवाओं के मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। शिंदे के मुताबिक, देश के हित में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए और युवाओं से जुड़े सवालों को संसद में गंभीरता से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
संसद में चर्चा को बताया सही रास्ता
शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में संसद वह मंच है जहां राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जा सकती है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि यदि युवाओं से जुड़े किसी विषय पर गंभीर चिंता है तो उसे सदन में उठाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उनके अनुसार, युवाओं को देश की विकास यात्रा का सक्रिय हिस्सा बनाने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने दोहराया कि युवा भारत की ताकत हैं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका निर्णायक होगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना सरकार और सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है।