प्रख्यात सर्जन डॉ. पी. रघु राम ने स्तन कैंसर जागरूकता के लिए एआई-होलोग्राफिक लेक्चर के साथ अपना तीसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
उषा लक्ष्मी ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष तथा KIMS-उषा लक्ष्मी सेंटर फॉर ब्रेस्ट डिजीज के संस्थापक निदेशक, प्रख्यात स्तन कैंसर सर्जन डॉ. पी. रघु राम ने चिकित्सा जगत में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉ. पी. रघु राम ने पिछले 15 महीनों में अपना तीसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह रिकॉर्ड ‘सबसे बड़े दर्शक वर्ग के लिए आयोजित इंटरैक्टिव एआई-सक्षम होलोग्राफिक हेल्थ अवेयरनेस लेक्चर’ के लिए प्रदान किया गया है।
तकनीक और जागरूकता का अनूठा संगम
यह ऐतिहासिक उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमर्सिव टेक्नोलॉजी के अभूतपूर्व मेल को दर्शाती है। डॉ. रघु राम ने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा, “केवल तकनीक जीवन नहीं बचा सकती, बल्कि सही जानकारी और समय पर की गई जांच (अर्ली डिटेक्शन) ही लोगों को बचाती है।” उन्होंने पिछले दो दशकों से स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के अपने मिशन को अब चिकित्सा, एआई और इमर्सिव टेक्नोलॉजी के एक साझा मंच पर लाकर इसे और अधिक व्यापक बना दिया है।
होलोग्राफिक व्याख्यान की प्रमुख विशेषताएं
इस विशेष कार्यक्रम में डॉ. रघु राम के त्रि-आयामी (3D) होलोग्राम ने 30 मिनट का व्याख्यान दिया। इस दौरान उन्होंने स्तन की सौम्य स्थितियों (Benign conditions), स्तन कैंसर से जुड़ी भ्रांतियों और उपचार के सिद्धांतों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। व्याख्यान के बाद 30 मिनट का एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में लोगों के सवालों के जवाब दिए गए। डॉ. रघु राम ने स्पष्ट किया कि यह एआई-होलोग्राफिक एजुकेटर सख्त नैतिक सीमाओं के भीतर कार्य करता है, जो साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) जानकारी प्रदान करता है, लेकिन व्यक्तिगत उपचार या डॉक्टरों से संबंधित सवालों पर गोपनीयता बनाए रखता है।
‘NARI’ पहल का शुभारंभ
इस कार्यक्रम के दौरान ‘नेशनल अवेयरनेस एंड रिसोर्स इनिशिएटिव फॉर ब्रेस्ट हेल्थ’ (NARI) का भी शुभारंभ किया गया। NARI डॉ. रघु राम का ही एक एआई-संचालित डिजिटल अवतार है, जो स्तन स्वास्थ्य, कैंसर की स्क्रीनिंग और शुरुआती लक्षणों के बारे में चौबीसों घंटे, बहुभाषी जानकारी प्रदान करने में सक्षम है। इसका मुख्य उद्देश्य स्तन स्वास्थ्य संबंधी विश्वसनीय जानकारी को सुलभ बनाना और कैंसर के डर व सामाजिक कलंक (Stigma) को दूर करना है।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और सम्मान
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ‘एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि NARI जैसी तकनीक भारत में स्तन स्वास्थ्य शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में एक क्रांतिकारी कदम है। डॉ. रघु राम ने यह सम्मान अपनी दिवंगत मां डॉ. उषा लक्ष्मी को समर्पित किया, जो खुद एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और स्तन कैंसर विजेता थीं। कार्यक्रम में के. पद्मनाभैया, डॉ. आनंद शंकर जयंत और डॉ. सी. मल्लिकार्जुन सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिन्होंने तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए डॉ. रघु राम के प्रयासों की प्रशंसा की।