जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री और फारूक अब्दुल्ला के भाई डॉ. मुस्तफा कमाल का श्रीनगर में निधन हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के दिग्गज व वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई डॉ. मुस्तफा कमाल का मंगलवार को श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल थे और अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर से न केवल अब्दुल्ला परिवार में बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. मुस्तफा कमाल जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक बेहद सम्मानित और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया गहरा दुख
डॉ. मुस्तफा कमाल के भतीजे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट के जरिए इस दुखद समाचार को साझा किया। उन्होंने अपने चाचा को बेहद “बहादुर” बताते हुए कहा कि गिरते स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी एक मजबूत लड़ाई लड़ी। उमर अब्दुल्ला ने लिखा, “मेरे पिता के छोटे भाई डॉ. मुस्तफा कमाल का आज शाम श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। चाचा मुस्तफा पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे, लेकिन चार दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्होंने तमाम दिक्कतों के बाद भी बहुत बहादुरी से मुकाबला किया। उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अद्भुत काम किया, लेकिन अल्लाह ने उन्हें अपनी अंतिम यात्रा पर बुला लिया। अल्लाह चाचा मुस्तफा को जन्नत में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे।”
‘शेर-ए-कश्मीर’ की विरासत और राजनीतिक योगदान
डॉ. मुस्तफा कमाल का नाता जम्मू-कश्मीर के सबसे प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से था। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक और ‘शेर-ए-कश्मीर’ के नाम से प्रसिद्ध दिग्गज नेता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के बेटे थे। अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए डॉ. कमाल ने दशकों तक जनता की सेवा की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार में एक कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं और राज्य के विकास व लोक कल्याणकारी नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई थी। वह अपनी बेबाक बयानबाजी, सैद्धांतिक राजनीति और नेशनल कॉन्फ्रेंस की विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते थे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
वरिष्ठ नेता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पार्टी ने डॉ. मुस्तफा कमाल के सार्वजनिक जीवन और जनता के प्रति उनके समर्पण की जमकर सराहना की। ‘X’ पर जारी अपने बयान में पार्टी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के दिग्गज नेता, पूर्व मंत्री और शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के प्रिय पुत्र डॉ. मुस्तफा कमाल साहिब के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त करती है। डॉ. कमाल साहिब ने अपने जीवन के कई दशक जनसेवा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के आदर्शों व विरासत को मजबूत करने में समर्पित कर दिए। उनकी अटूट प्रतिबद्धता, सैद्धांतिक नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति उनके दृढ़ समर्पण ने उन्हें राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपार सम्मान दिलाया।”
पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति
पार्टी ने अपने बयान में आगे कहा कि डॉ. मुस्तफा कमाल का जाना न केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस परिवार के लिए बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। राज्य के लोग उनके योगदान को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेंगे। दुख की इस घड़ी में पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पार्टी और समर्थकों ने अल्लाह से प्रार्थना की है कि वह डॉ. मुस्तफा कमाल साहिब को जन्नत-उल-फिरदौस में सर्वोच्च स्थान दें और उनके परिवार को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति, धैर्य और शक्ति प्रदान करें। उनका जाना जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़े शून्य को छोड़ गया है।