शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ कहा। आम आदमी पार्टी ने इसे छात्रों का अपमान बताकर जोरदार घेरा।
नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में छात्रों का आक्रोश चरम पर है। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संगठनों को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसके बाद राजनीति गरमा गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारियों को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से जोड़ते हुए उनकी मंशा पर सवाल उठाए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारी छात्रों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो लोग देश को टुकड़ों में बांटना चाहते हैं, वे ही आज जंतर-मंतर पर डफली बजा रहे हैं। क्या वहां कोई वास्तविक छात्र भी है?” शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शन के पीछे कुछ संगठनों की मंशा पर संदेह जताते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले साल से नीट परीक्षा कंप्यूटर-आधारित (CBT) फॉर्मेट में कराई जा सकती है।
आम आदमी पार्टी का जोरदार पलटवार
इतना अहंकार?
पेपर लीक का विरोध करने वाले मासूम बच्चे देश के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करना चाहते हैं… और आप उनका भविष्य बर्बाद करके देश बचा रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जी? वाह https://t.co/70weTBHwig
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 24, 2026
शिक्षा मंत्री के इस बयान पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखा हमला बोला है। ‘आप’ नेताओं ने पूछा कि क्या पेपर लीक और भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ आवाज उठाना देश को तोड़ना है?
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक रुख में सवाल किया: “धर्मेंद्र प्रधान जी, जो मासूम बच्चे पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं, वे देश के टुकड़े करना चाहते हैं? क्या भविष्य बर्बाद करने वालों को बचाना ही आपका राष्ट्रवाद है?”
‘आप’ ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों को ‘राष्ट्रविरोधी’ का लेबल दे रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार शिक्षा माफियाओं (पेपर माफिया) पर कार्रवाई करने के बजाय उन छात्रों का अपमान कर रही है, जो न्याय की मांग कर रहे हैं।
छात्रों के भविष्य पर सस्पेंस
जहाँ एक ओर सरकार पारदर्शिता लाने के लिए CBT मोड पर विचार करने की बात कह रही है, वहीं छात्र संगठन पेपर लीक की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर सिस्टम की खामियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शिक्षा मंत्री के बयान को ‘अहंकारी’ बताया है और कहा है कि वे कोई राजनीति नहीं, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
फिलहाल, इस बयानबाजी ने नीट पेपर लीक मामले को एक नए राजनीतिक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।