दिल्ली में जल संकट के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों से बचते दिखे जल मंत्री प्रवेश वर्मा। पानी की समस्या पर तीखे सवाल पूछने पर मंत्री ने बीच में छोड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जारी भीषण जल संकट और लोगों को मिल रहे ‘गंदे पानी’ की शिकायतों के बीच, एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस हंगामे का केंद्र बन गई। जल मंत्री प्रवेश वर्मा और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीईओ विजय विधूड़ी ने जब सरकार की उपलब्धियां गिनानी शुरू कीं, तो एक पत्रकार द्वारा पूछे गए तीखे सवाल ने मंत्री को असहज कर दिया।
क्या था मामला?
पानी की किल्लत पर सवाल हुआ तो प्रवेश वर्मा का न जाने क्यों ईगो हर्ट हो गया है.. झल्लाते हुए ‘thank you’ बोलकर चलते बने।
वो दिन दूर नहीं प्रवेश साहब जब दिल्ली की परेशान जनता भी आपको बोल देगी ‘thank you.. अब सत्ता से चलते बनिए’.. pic.twitter.com/KOPFJyMKcs
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 3, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जब मीडिया ने जल मंत्री से सबसे महत्वपूर्ण सवाल पूछा कि “दिल्लीवासियों को पानी की इस समस्या से स्थायी राहत कब मिलेगी?”, तो मंत्री प्रवेश वर्मा कोई स्पष्ट समय-सीमा या समाधान बताने के बजाय काफी असहज हो गए। सवालों से बचते हुए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही समाप्त कर दी और ‘थैंक यू’ कहकर वहां से चले गए।
इस घटना के बाद से आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। AAP नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों में न तो जवाबदेही बची है और न ही जनता की परेशानियों को सुनने का धैर्य।
AAP का पलटवार
आम आदमी पार्टी ने इसे ‘अहंकार’ का प्रदर्शन करार दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया, “जब दिल्ली की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, तब जिम्मेदार मंत्री जवाब देने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर भाग रहे हैं। यह साबित करता है कि बीजेपी सरकार के पास जल संकट का कोई समाधान नहीं है।” AAP नेताओं ने चेतावनी दी कि जिस तरह से मंत्री ने जनता के सवालों का अपमान किया है, आने वाले समय में जनता भी इसी तरह सत्ता से बेदखल कर उन्हें ‘थैंक यू’ कहेगी।
सरकार का बचाव और भविष्य की योजनाएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवेश वर्मा ने समस्या के लिए पुरानी सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में 135 MGD पानी बोरवेलों के माध्यम से निकाला जा रहा है और सरकार ने टैंकर सप्लाई को पहले से दोगुना कर दिया है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि दिल्ली की पाइपलाइनें 30 साल से अधिक पुरानी हैं, जिसके कारण 40% पानी लीकेज से बर्बाद हो रहा है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के तहत पाइपलाइन बदलने, रेणुका डैम परियोजना और ‘ड्यूल पाइपलाइन सिस्टम’ लागू करने का वादा किया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।