दिल्ली SIR को लेकर AAP नेता संजीव झा ने दावा किया कि 47 लाख से ज्यादा वोट प्रभावित हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से हटाए गए वोटों का डेटा देने की मांग की।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आम आदमी पार्टी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। AAP के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान दिल्ली में 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर होने की स्थिति बनी है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हो सकते हैं।
40 फीसदी तक वोट प्रभावित होने का दावा
संजीव झा ने दावा किया कि दिल्ली में औसतन करीब 40 प्रतिशत लोगों के वोट प्रभावित हुए हैं। AAP का आरोप है कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटने की स्थिति बनी है जो दिल्ली में रह रहे हैं और जिनका मताधिकार बरकरार रहना चाहिए। पार्टी ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली आकर बसे प्रवासी मतदाताओं को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों के अनुसार SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाता “Absent, Shifted, Dead and Duplicate” यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणियों में आ सकते हैं।
AAP ने BLO पर उठाए सवाल
दिल्ली में SIR के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। करीब 47 लाख से ज्यादा लोगों के वोट काट दिए गए हैं।
औसतन 40% लोगों के वोट काटे गए हैं। आयोग का कहना है कि ये वोट इसीलिए कटे क्योंकि लोग शिफ्ट कर गए हैं जिनमें अधिकतर लोग प्रवासी हैं और यूपी-बिहार से हैं।
जबकि इसका मुख्य कारण… pic.twitter.com/DJCjygsZVv
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 19, 2026
संजीव झा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया गया, जिसके कारण वास्तविक मतदाताओं के नाम भी प्रभावित होने की आशंका है। AAP का कहना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम केवल प्रक्रिया संबंधी कारणों से ड्राफ्ट सूची से बाहर हो जाता है, तो इससे उसके मतदान के अधिकार पर गंभीर असर पड़ सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और प्रत्येक संभावित विलोपन की उचित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
चुनाव आयोग से डेटा सार्वजनिक करने की मांग
संजीव झा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि SIR के दौरान हटाए गए या ड्राफ्ट सूची से बाहर रखे गए मतदाताओं का विस्तृत डेटा राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया जाए। AAP का कहना है कि डेटा मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ता ऐसे लोगों से संपर्क कर सकेंगे और यह पता लगाने में मदद कर सकेंगे कि कहीं किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से तो नहीं हटाया गया। पार्टी का दावा है कि उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर न हो।
24 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
दिल्ली में SIR के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त को जारी की जानी है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 47 लाख से अधिक मतदाता इस ड्राफ्ट सूची से बाहर रह सकते हैं। हालांकि, ऐसे मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया उपलब्ध होगी।
AAP ने कहा- किसी का वोट गलत तरीके से न कटे
AAP नेता संजीव झा का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर किसी पात्र नागरिक का वोट नहीं कटना चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयोग से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और प्रभावित मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाने की मांग की है। दिल्ली में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच अब 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची महत्वपूर्ण होगी। इसके बाद सामने आने वाले दावे और आपत्तियां यह स्पष्ट करने में मदद करेंगी कि कितने नाम वास्तव में गलत तरीके से हटे हैं और कितने नाम स्थानांतरण, मृत्यु, डुप्लीकेट या अन्य कारणों से सूची से बाहर हुए हैं।