दिल्ली के वसुंधरा एंक्लेव में डीयू की महिला प्रोफेसर की उनके घर में घुसकर हत्या। कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति पर आम आदमी पार्टी का भाजपा सरकार पर हमला, पूछा- अब दिल्ली में कौन सुरक्षित है?
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अपराध की खौफनाक तस्वीर से दहल उठी है। वसुंधरा एंक्लेव जैसे पॉश इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक महिला प्रोफेसर की उनके घर में घुसकर की गई बेरहमी से हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है और दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।
आम आदमी पार्टी का हमला: ‘दिल्ली बनी बदमाशों का अड्डा’
न सड़कें सुरक्षित, न खुद का घर..
वसुंधरा एंक्लेव जैसे पॉश इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय की एक महिला प्रोफेसर की उनके घर के अंदर घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
ये है हाल दिल्ली की कानून व्यवस्था का। कोई यहाँ सुरक्षित कैसे महसूस करे? भाजपा के हाथ में दिल्ली हत्यारों और बदमाशों… pic.twitter.com/5gfFb0vexD
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 6, 2026
इस दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में भाजपा के शासन के दौरान अपराध बेकाबू हो गए हैं। आप नेताओं ने कहा कि, “आज दिल्ली में न सड़कें सुरक्षित हैं और न घर के अंदर इंसान। अपराधी बेखौफ होकर घर में घुसकर हत्याएं कर रहे हैं, और केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।”
आप ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा के कुप्रबंधन के कारण दिल्ली अब हत्यारों और बदमाशों का सुरक्षित ठिकाना बन चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
प्रोफेसर की हत्या के बाद से दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं:
- प्रशासनिक लापरवाही: एक सुरक्षित माने जाने वाले आवासीय इलाके में घर के भीतर घुसकर हत्या होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़ा करता है।
- बढ़ते अपराध: राजधानी में चाकूबाजी, लूट और हत्या जैसी घटनाएं अब सामान्य हो गई हैं।
- जवाबदेही की कमी: दिल्ली में पुलिस का सीधा नियंत्रण केंद्र सरकार के पास है, ऐसे में बढ़ते अपराधों के लिए केंद्र सरकार की चुप्पी पर जनता का गुस्सा बढ़ रहा है।
पुलिस की जांच और स्थिति
फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर है और फॉरेंसिक टीम के साथ सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में रंजिश या लूटपाट के एंगल पर काम किया जा रहा है। हालांकि, परिवार और समाज का कहना है कि यह केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि दिल्ली में फैलती अराजकता का परिणाम है।
दिल्ली की जनता अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। महिला प्रोफेसर की निर्मम हत्या ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो और दिल्ली की कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।