दिल्ली में 2 दिनों में 6 हत्याओं से मचा हड़कंप! AAP ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- दिल्ली बनी ‘मर्डर कैपिटल’, कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अपराध के गहरे अंधेरे में डूब गई है। पिछले केवल 48 घंटों के भीतर शहर में 6 जघन्य हत्याओं की घटनाओं ने पूरी दिल्ली को दहला कर रख दिया है। इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रहा।
भाजपा शासित केंद्र सरकार की विफलता
दिल्ली में सिर्फ़ दो दिनों में 6 हत्याओं ने राजधानी को दहला दिया है।
कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
भाजपा सरकार के राज में दिल्ली ‘मर्डर कैपिटल’ बन चुकी है… pic.twitter.com/KpqG0h2Cwg
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 21, 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में बढ़ते अपराधों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के अधीन आती है, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार दिल्ली की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। राजधानी की बदतर होती स्थिति को देखते हुए, अब इसे ‘मर्डर कैपिटल’ कहना गलत नहीं होगा।
बेखौफ अपराधी, लाचार व्यवस्था
दिल्ली की सड़कों पर अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। दो दिनों में 6 हत्याएं यह दर्शाती हैं कि राजधानी में जान-माल की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हत्या की इन बढ़ती घटनाओं ने न केवल आम नागरिकों में डर का माहौल पैदा किया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। AAP ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार दिल्ली को सुरक्षित रखने के बजाय राजनीतिक एजेंडे में व्यस्त है, जिसका नतीजा दिल्ली की जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
सुरक्षा के दावों की खुली पोल
क्या दिल्ली पुलिस के पास अपराध रोकने का कोई ठोस प्लान है? राजधानी में हो रही लगातार हत्याएं इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। दिल्ली की जनता अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अपनी जिम्मेदारी समझे और दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए।
दिल्ली के लोगों का सवाल
दिल्ली की जनता पूछ रही है कि आखिर कब तक राजधानी ‘मर्डर कैपिटल’ बनी रहेगी? कब अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे और कब दिल्लीवासी सुरक्षित गलियों में घूम पाएंगे?