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दिल्ली मास्टर प्लान 2041 को लेकर AAP विधायक संजीव झा ने BJP सरकार पर सवाल उठाए। बोले- O-Zone के लोगों और विधायकों से फीडबैक लिए बिना योजना लागू की जा रही है।
दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधा है। संजीव झा का आरोप है कि दिल्ली के लिए मास्टर प्लान 2041 को अधिसूचित करने से पहले दिल्ली के विधायकों से पर्याप्त फीडबैक नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि राजधानी की नीतियों और विकास योजनाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावित लोगों की राय को शामिल किया जाना चाहिए था।
संजीव झा ने खास तौर पर दिल्ली के O-Zone यानी यमुना बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं को उठाया। उनका कहना है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से O-Zone में रहने वाले परिवारों को अपने घरों को लेकर लगातार चिंता का सामना करना पड़ रहा है। AAP विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के मंत्री और सांसद कई जगहों पर लोगों को यह भरोसा दिला चुके हैं कि किसी का मकान नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में मकानों पर कार्रवाई हुई है।
मास्टर प्लान लागू करने से पहले विधायकों से राय लेने की मांग
संजीव झा ने सवाल उठाया कि दिल्ली के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मास्टर प्लान को लागू करने से पहले क्या सभी विधायकों और प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से राय ली गई। उनके मुताबिक, मास्टर प्लान का सीधा असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों पर पड़ सकता है, इसलिए इसके क्रियान्वयन से पहले स्थानीय स्तर पर संवाद जरूरी है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की वेबसाइट पर मास्टर प्लान 2041 के ड्राफ्ट को सार्वजनिक आपत्तियों और सुझावों के लिए जारी किए जाने का रिकॉर्ड मौजूद है। हालांकि, संजीव झा का आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया में निर्वाचित विधायकों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
O-Zone के लोगों की परेशानी का मुद्दा
दिल्ली में 2047 का मास्टर प्लान अब नोटिफाई हो चुका है। लेकिन इसको लागू करने से पहले दिल्ली के विधायकों से कोई फीडबैक नहीं लिया गया।
जबसे भाजपा सत्ता में आई है दिल्ली के O zone में रहने वालों के घरों पर आफ़त आई हुई है। भाजपा सरकार के मंत्रियों और सांसदों ने कई जगह ये वादा किया कि… pic.twitter.com/I8efjuiPjK
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 2, 2026
संजीव झा ने O-Zone को दिल्ली का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि यहां रहने वाले लोगों को अपने घरों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता है। उन्होंने दावा किया कि O-Zone में रहने वाले लोगों के सामने पहले से ही कार्रवाई का डर बना हुआ है और नए मास्टर प्लान के प्रावधानों से उनकी चिंताएं और बढ़ सकती हैं।
हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, AAP ने मास्टर प्लान से जुड़े प्रावधानों को लेकर आशंका जताई है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले बड़ी संख्या में लोगों के घर प्रभावित हो सकते हैं। संजीव झा ने भी O-Zone को लेकर सरकार से स्पष्ट नीति और प्रभावित परिवारों को सुरक्षा देने की मांग की है।
बीजेपी के आश्वासन पर संजीव झा ने उठाए सवाल
AAP विधायक ने कहा कि बीजेपी के मंत्री और सांसद अलग-अलग मौकों पर यह कहते रहे हैं कि O-Zone में रहने वाले लोगों के मौजूदा मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, जमीन पर कार्रवाई की घटनाओं ने इन आश्वासनों पर सवाल खड़े किए हैं।
इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की ओर से अलग रुख सामने आया है। अगस्त 2026 में बीजेपी सरकार ने कहा था कि O-Zone में मौजूद मौजूदा मकानों को गिराने की योजना नहीं है। दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने भी कहा था कि मौजूदा घरों को लेकर सरकार की ओर से सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने AAP पर O-Zone के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
विकास और लोगों के अधिकारों के बीच संतुलन की मांग
संजीव झा का कहना है कि दिल्ली के विकास के लिए मास्टर प्लान जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में उन लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए जो दशकों से संबंधित इलाकों में रह रहे हैं। उनका जोर इस बात पर है कि सरकार को O-Zone में रहने वाले परिवारों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि उनके मौजूदा घरों के संबंध में भविष्य की नीति क्या होगी।
O-Zone को लेकर पहले भी अदालत और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तथा निर्माण संबंधी नियमों को लेकर विवाद रहा है। ऐसे में मास्टर प्लान 2041 के प्रावधानों ने इस बहस को एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
AAP ने सरकार से मांगा स्पष्ट रोडमैप
संजीव झा ने सरकार से मांग की कि O-Zone में रहने वाले लोगों को केवल मौखिक आश्वासन देने के बजाय लिखित और स्पष्ट नीति उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह पता होना चाहिए कि उनके घरों पर किसी तरह की कार्रवाई होगी या नहीं और भविष्य में मरम्मत, पुनर्निर्माण अथवा अन्य गतिविधियों को लेकर क्या नियम लागू होंगे।
मास्टर प्लान 2041 दिल्ली के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में O-Zone, यमुना बाढ़ क्षेत्र और वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों का मुद्दा आने वाले समय में भी राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का प्रमुख हिस्सा बना रह सकता है।