दिल्ली में सरकारी स्कूलों की छात्राओं को बांटी साइकिलों पर AAP ने BJP पर हमला बोला। 20 दिन में ब्रेक टूटने और ₹4,000 की साइकिल ₹7,000 में खरीदने का आरोप।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों की छात्राओं को वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता और खरीद कीमत को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP का दावा है कि भाजपा सरकार ने करीब ₹4,000 कीमत वाली साइकिलों को ₹7,000 में खरीदा और छात्राओं को बेहद खराब गुणवत्ता की साइकिलें वितरित की गईं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि साइकिलों के इस्तेमाल के महज 20 दिनों के भीतर ही इनमें खराबियां सामने आने लगीं। AAP के मुताबिक, कई साइकिलों के ब्रेक टूट गए, पेंट उखड़ने लगा और मडगार्ड तक मुड़ गए। पार्टी ने इस मामले को सरकारी खरीद में कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए भाजपा सरकार से जवाब मांगा है।
‘भ्रष्टाचार का खामियाजा लड़कियां भुगत रही हैं’
AAP ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का असर सीधे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है। पार्टी के अनुसार, जिन साइकिलों का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना था, उनकी खराब गुणवत्ता अब उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।
AAP ने आरोप लगाया कि सरकारी धन का इस्तेमाल कर महंगी कीमत पर ऐसी साइकिलें खरीदी गईं, जिनकी गुणवत्ता बेहद खराब है। पार्टी ने सवाल उठाया कि खरीद से पहले साइकिलों की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी।
20 दिन में ब्रेक टूटने और पेंट उखड़ने का दावा
भ्रष्टाचार भाजपा का और भुगत बच्चियां रही हैं…
बीजेपी द्वारा ₹4,000 की साइकिल ₹7,000 में खरीदी गई, वो भी बेहद घटिया क्वालिटी की।
महज़ 20 दिनों में ब्रेक खराब, पेंट उखड़ गया और मडगार्ड मुड़ गए। सरकारी स्कूलों की बच्चियों को बांटी गईं ये साइकिलें जल्द कबाड़ बनने की कगार पर… pic.twitter.com/Q73X0Mr8y6
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 5, 2026
आम आदमी पार्टी के अनुसार, साइकिलों के वितरण के करीब 20 दिन बाद ही उनमें कई तरह की समस्याएं सामने आने लगीं। पार्टी ने दावा किया कि ब्रेक टूटने के साथ-साथ साइकिलों का पेंट उखड़ने लगा और मडगार्ड भी मुड़ गए।
AAP का कहना है कि यदि नई साइकिलें इतनी कम अवधि में खराब होने लगती हैं तो इससे उनकी गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
₹4,000 की साइकिल ₹7,000 में खरीदने का आरोप
AAP ने सबसे बड़ा आरोप साइकिलों की खरीद कीमत को लेकर लगाया है। पार्टी का दावा है कि जिन साइकिलों की कीमत लगभग ₹4,000 थी, उन्हें ₹7,000 में खरीदा गया। AAP ने इस कथित मूल्य अंतर को सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा बताते हुए विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि साइकिलों की वास्तविक बाजार कीमत क्या थी, सरकार ने किस कंपनी या आपूर्तिकर्ता से इन्हें खरीदा और खरीद के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया गया।
छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल
AAP ने कहा कि खराब ब्रेक और अन्य तकनीकी खामियां केवल साइकिल की गुणवत्ता का मामला नहीं हैं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा से भी जुड़ी हैं। यदि चलते समय ब्रेक काम करना बंद कर दें तो दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है।
पार्टी ने सरकार से मांग की कि वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और खराब साइकिलों को तत्काल बदलने की व्यवस्था की जाए।
‘स्क्रैप बनने की कगार पर साइकिलें’
AAP ने तंज कसते हुए कहा कि अगर साइकिलों की स्थिति इसी तरह खराब होती रही तो सरकारी स्कूलों की छात्राओं को दी गई ये साइकिलें जल्द ही कबाड़ में बदलने की स्थिति में पहुंच सकती हैं।
पार्टी ने भाजपा सरकार से खरीद प्रक्रिया, प्रति साइकिल लागत, गुणवत्ता परीक्षण और आपूर्तिकर्ता से जुड़े विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
BJP से जवाब की मांग
AAP ने पूरे मामले में भाजपा सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाला पैसा जनता का है और उसकी खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि खराब गुणवत्ता वाली साइकिलें ऊंची कीमत पर खरीदी गई हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
हालांकि, साइकिलों की वास्तविक कीमत, गुणवत्ता में कमी और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े AAP के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है। BJP या संबंधित स