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दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी। पेट्रोल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर बैन के प्रस्ताव से बजाज ऑटो, ओला और टीवीएस जैसे शेयरों पर दिखेगा असर।
दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट सामने आ चुका है। यह पॉलिसी न केवल प्रदूषण कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही कई ऑटो और ईवी-लिंक्ड शेयरों में हलचल पैदा कर सकती है।
इस पॉलिसी में पेट्रोल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक समयबद्ध योजना प्रस्तावित की गई है, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की रफ्तार को दोगुना कर देगी।
पॉलिसी की मुख्य बातें: कब क्या होगा?
दिल्ली सरकार ने पेट्रोल गाड़ियों को हटाने के लिए कड़े लक्ष्य रखे हैं:
- जनवरी 2026: एग्रीगेटर बेड़े (Ola, Uber आदि) में इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों पर प्रतिबंध शुरू होगा।
- जनवरी 2027: पेट्रोल से चलने वाले नए थ्री-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर पूर्ण प्रतिबंध।
- अप्रैल 2028: पेट्रोल से चलने वाले नए टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक।
इन ऑटो कंपनियों (OEMs) के शेयरों पर दिखेगा असर
पॉलिसी के चलते उन कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है जिनका इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो मजबूत है:
- Bajaj Auto: थ्री-व्हीलर सेगमेंट में अपनी लीडरशिप और बढ़ते ईवी पोर्टफोलियो के कारण बजाज ऑटो मुख्य लाभार्थी हो सकता है। 2027 से थ्री-व्हीलर्स के विद्युतीकरण के प्रस्ताव से कंपनी के लिए डिमांड का रास्ता साफ हो गया है।
- TVS Motor Company: अपने विस्तार लेते ईवी स्कूटर पोर्टफोलियो और शहरी बाजारों में मजबूत पकड़ के चलते यह शेयर भी फोकस में रहेगा।
- Ola Electric: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में पहले ही पिछले एक हफ्ते में 40% से ज्यादा की तेजी देखी गई है। नई पॉलिसी इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सीधा सपोर्ट करती है।
- Mahindra & Mahindra: इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCVs) में मजबूत उपस्थिति के कारण एमएंडएम को फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन से लाभ मिलने की उम्मीद है।
- Ather Energy: ईवी टू-व्हीलर सेगमेंट में अपनी प्रीमियम पहचान के चलते एथर भी निवेशकों की रडार पर रहेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी कंपनियों को भी मिलेगा बूस्ट
पॉलिसी में चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका लाभ अन्य संबंधित सेक्टरों को मिलेगा:
- चार्जिंग और पावर: दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए सकारात्मक है।
- बैटरी निर्माता: Exide Industries और Amara Raja Energy & Mobility जैसे शेयरों में मांग बढ़ सकती है। पॉलिसी में बैटरी रीसाइक्लिंग और ईपीआर (EPR) फ्रेमवर्क पर भी जोर दिया गया है।
- कंपोनेंट सप्लायर्स: Sona BLW Precision Forgings जैसे सप्लायर्स, जो खास तौर पर ईवी पार्ट्स बनाते हैं, निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।