हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) की 3 घंटे लंबी बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की। जलभराव से निपटने के लिए पार्कों में रिचार्ज वेल बनाने और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के शहरों को आधुनिक और जन-सुविधाओं से संपन्न बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। लगभग 3 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचकूला के समग्र विकास और बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) की गहन समीक्षा की और धरातल पर सुधार लाने के लिए अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
बरसाती दिनों में जलभराव से मिलेगी मुक्ति: पार्कों में लगेंगे ‘रिचार्ज वेल’
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानसून और अत्यधिक बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव (Waterlogging) की समस्या को गंभीरता से लिया। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने एक बड़ा निर्देश देते हुए कहा:
“बरसाती दिनों के दौरान अक्सर सड़कों और गलियों में पानी जमा हो जाता है। इस समस्या से पूरी तरह निजात पाने के लिए पंचकूला के हर एक पार्क में ‘रिचार्ज वेल’ (भूजल पुनर्भरण कुएं) अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाने चाहिए। इससे वर्षा जल का संचयन होगा और जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होगी।”
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि शहरों के पार्कों के रखरखाव और सिंचाई के लिए केवल शोधित जल (Treated Water) का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीने योग्य पानी की बर्बादी को रोका जा सके।
धरातल पर दिखना चाहिए काम: सफाई, सड़क और सीवरेज पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कागजी कार्रवाई से ऊपर उठकर ग्राउंड जीरो पर काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आम जनता का जीवन सुगम बनाना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर निम्नलिखित विकास कार्यों को धरातल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए:
- सफाई व्यवस्था: शहर के कोने-कोने में नियमित और प्रभावी ढंग से साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
- सीवरेज प्रणाली: जल निकासी और सीवरेज लाइनों की समय पर सफाई और मरम्मत हो ताकि ब्लॉक होने की स्थिति न बने।
- सड़कों का सुदृढ़ीकरण: पंचकूला की सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाया जाए और गड्ढों आदि को तुरंत ठीक किया जाए।
- शुद्ध पेयजल: हर घर तक निर्बाध और स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
सीएम नायब सिंह सैनी के इन कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि पंचकूला में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी और आने वाले दिनों में स्थानीय निवासियों को जलभराव और गंदगी जैसी रोजमर्रा की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।