हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में ‘नशामुक्त हरियाणा’ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सीएम ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और विशेष टास्क फोर्स का गठन हुआ है।
हरियाणा को पूरी तरह से नशामुक्त और खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार बड़े और कड़े कदम उठा रही है। इसी संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और केमिस्ट एसोसिएशन के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने ‘नशामुक्त हरियाणा’ (Drug-Free Haryana) के इस अभियान में जनभागीदारी को सबसे बड़ी ताकत बताया और नशा तस्करों के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस रुख को एक बार फिर स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक संगठनों और केमिस्ट भाइयों से अपील की कि वे इस लड़ाई में सरकार का साथ दें ताकि युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
हरियाणा उदय अभियान: हर गाँव, वार्ड और मोहल्ले में अलख जगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने पंचकूला में ‘नशा मुक्त हरियाणा’ के लिए NGO एवं केमिस्ट एसोसिएशन के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा उदय अभियान के तहत जनसहभागिता को इस लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रत्येक गांव, वार्ड और मोहल्ले में नशा…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 11, 2026
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत जनता का सहयोग इस लड़ाई की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की:
“नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है। हमारा अंतिम लक्ष्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना ही नहीं है, बल्कि समाज के साथ साझेदारी करके नशे की मांग (Demand) को ही जड़ से खत्म करना है। इसके लिए हर गांव, वार्ड और मोहल्ले में बड़े स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।”
नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: ₹11 करोड़ की संपत्ति जब्त, बनी स्पेशल टास्क फोर्स
नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों को मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने सरकार द्वारा अब तक की गई कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया:
- संपत्ति की जब्ती: सरकार ने नशा तस्करों और अवैध कारोबारियों की रीढ़ तोड़ने के लिए अब तक लगभग 11 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं।
- अवैध निर्माणों पर एक्शन: नशे की कमाई से खड़ी की गई तस्करों की अवैध संपत्तियों और इमारतों को जमींदोज करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
- एंटी-ड्रग टास्क फोर्स: राज्य में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए एक समर्पित स्पेशल एंटी-ड्रग टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो खुफिया इनपुट के आधार पर चौबीसों घंटे काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने केमिस्ट एसोसिएशन से भी आग्रह किया कि वे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाएं और बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी संदिग्ध दवा का वितरण न करें। सरकार का यह स्पष्ट विजन है कि प्रशासनिक मुस्तैदी और सामाजिक सहयोग के इस अनूठे मॉडल से बहुत जल्द हरियाणा को पूरी तरह से ड्रग-फ्री बनाया जाएगा।