भलस्वा लैंडफिल साइट को कब तक किया जाएगा निस्तारित? केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया दौरा, क्या कहा?

भलस्वा लैंडफिल साइट को कब तक किया जाएगा निस्तारित? केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया दौरा, क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा किया और अगले साल 2 अक्टूबर तक इसे पूरी तरह निस्तारित करने का लक्ष्य तय किया। जानें दिल्ली के कचरे के निस्तारण की योजना, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान के बारे में।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा किया, जहां उन्होंने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के महत्व पर जोर दिया। मंत्री ने यह भी बताया कि भलस्वा लैंडफिल को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने का लक्ष्य तय किया गया है, और अगले साल 2 अक्टूबर तक इस लैंडफिल को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।

भलस्वा लैंडफिल निस्तारण: ठोस लक्ष्य और योजना

मनोहर लाल ने बताया कि दिल्ली के कचरे के पहाड़ों को खत्म करने के लिए एक ठोस और वैज्ञानिक योजना तैयार की गई है। भलस्वा लैंडफिल के निस्तारण का काम तेजी से चल रहा है, और 2 अक्टूबर 2026 से पहले 45 लाख मीट्रिक टन लीगेसी कचरे को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बायो-रेमेडिएशन के बाद यहां 25 एकड़ भूमि को खाली किया गया है, जहां अब बम्बू गार्डन और स्वच्छता संबंधी मशीनरी स्थापित की गई है।

“सेवा पखवाड़े” के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

केंद्रीय मंत्री ने “सेवा पखवाड़े” के दौरान आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना ही इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से लेकर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (2 अक्टूबर) तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसमें स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

दिल्ली की तीन लैंडफिल साइट्स का निस्तारण

मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट्स के निस्तारण की जिम्मेदारी भी उठाई है। उन्होंने बताया कि भलस्वा साइट के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण को साझेदार बनाया गया है और दिल्ली सरकार के मंत्रियों से अपील की है कि वे इस दिशा में कार्य करें। मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली के नागरिकों को स्वच्छता में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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कचरे से बनेगा ईंधन, टाइल्स और खाद

मनोहर लाल ने बताया कि निस्तारित कचरे का उपयोग पावर प्लांट, सीमेंट फैक्ट्रियों, टाइल निर्माण और खाद उत्पादन में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब कूड़े के पहाड़ को देखकर मन खिन्न होता था, लेकिन अब इसका स्थायी समाधान निकाला जा रहा है।

निगम कर्मचारियों को मिलेगा प्रोत्साहन

मंत्री ने भलस्वा लैंडफिल पर काम कर रहे निगम कर्मचारियों, कंपनी स्टाफ और कचरा गाड़ी चालकों की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि सभी कर्मचारियों को 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और उनकी स्वास्थ्य जांच भी कराई जाएगी।

दिल्ली सरकार का संकल्प: स्वच्छ और विकसित राजधानी

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली को कचरे के पहाड़ों से मुक्त कर स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने इसे दिल्ली की गरिमा बहाल करने का संकल्प बताया।

मेयर का बयान: घट रही लैंडफिल की ऊंचाई

दिल्ली के मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल की ऊंचाई 15 मीटर घट चुकी है, और कचरे की मात्रा 73 लाख मीट्रिक टन से घटकर 43 लाख मीट्रिक टन रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि नया कचरा आने के बावजूद लैंडफिल की ऊंचाई घट रही है, और एक साल में इसे पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया गया है।

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