नक्सलियों ने हथियार छोड़ने का ऐलान किया और शांति वार्ता की मांग की। जानिए, मोदी सरकार का नक्सलवाद खत्म करने के लिए क्या है रुख, और मार्च 2026 तक का क्या है लक्ष्य।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद समाप्त किया जाए। वर्तमान में, नक्सलवाद केवल 18 जिलों तक सीमित रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले, एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में नक्सलियों ने अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष को छोड़ने का ऐलान किया। यह फैसला माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के प्रवक्ता अभय द्वारा जारी बयान के माध्यम से सामने आया है।
नक्सलियों की शांति वार्ता की पेशकश
माओवादी संगठन ने घोषणा की है कि वे भारत सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उनके द्वारा जारी बयान में कहा गया कि नक्सली 10 मई 2024 को एक महीने का समय मांग रहे थे ताकि वे केंद्रीय नेतृत्व के साथ शांति प्रक्रिया पर विचार कर सकें। हालांकि, केंद्रीय सरकार ने इसका कोई ठोस जवाब नहीं दिया और जनवरी 2024 से नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई।
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घेराबंदी और एनकाउंटर तेज हुए
नक्सलियों का कहना है कि जनवरी 2024 से शुरू हुई घेराबंदी और एनकाउंटर अभियानों के दौरान कई नक्सली मारे गए। 21 मई को मड्डेकोट के पास हुए एक बड़े ऑपरेशन में CRPF ने नक्सलियों के टॉप कमांडर बसवराजू समेत 28 नक्सलियों को मार गिराया। इसके बाद, नक्सलियों ने शांति प्रक्रिया को अधूरा छोड़ने का निर्णय लिया और अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष को रोकते हुए जनहित संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ बातचीत जारी रखने का ऐलान किया।
नक्सलियों ने शांति वार्ता की तैयारी की
नक्सली संगठन के प्रवक्ता अभय ने कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या उनके प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, नक्सली संगठन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रारंभिक वार्ता करने की भी पेशकश की है।
नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य मार्च 2026 तक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य दिया है। गौरतलब है कि 2014 में नक्सलियों का रेड कॉरिडोर 182 जिलों तक फैला हुआ था, लेकिन आज वह केवल 18 जिलों तक ही सीमित रह गया है। इस बदलाव के बावजूद, सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है और शांति प्रयासों को बढ़ावा दे रही है।