लुधियाना में VDC की राज्यस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा की। उन्होंने दावा किया कि पिछले 500 दिनों में 70 हजार से अधिक कथित नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं और अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में आयोजित विलेज डिफेंस कमेटियों (VDC) की राज्यस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और VDC सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा की गई और पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया गया।
VDC के गठन का एक वर्ष पूरा
बैठक का आयोजन विलेज डिफेंस कमेटियों के गठन का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि VDC ने गांव स्तर पर नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और प्रशासन को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज की भागीदारी के बिना नशे जैसी चुनौती से प्रभावी ढंग से नहीं निपटा जा सकता।
‘500 दिनों के अभियान में 70 हजार से अधिक तस्कर गिरफ्तार’
ਵਿਲੇਜ ਡਿਫ਼ੈਂਸ ਕਮੇਟੀਆਂ ਦੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਹੋਈ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ਬੈਠਕ!
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਦੇ ਅਭਿਆਨ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾ ਰਹੀਆਂ ਵਿਲੇਜ ਡਿਫ਼ੈਂਸ ਕਮੇਟੀਆਂ ਦੇ ਗਠਨ ਨੂੰ, ਇੱਕ ਸਾਲ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਆਯੋਜਿਤ ਬੈਠਕ ‘ਚ CM @BhagwantMann, ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਤੇ ‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ @AroraAmanSunam ਅਤੇ… pic.twitter.com/6kLLDFAhOF
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 2, 2026
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के पिछले 500 दिनों में 70 हजार से अधिक कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
नशा मुक्त पंजाब के लिए सामूहिक संकल्प
बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्री एवं AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा और अन्य उपस्थित लोगों ने पंजाब को जड़ से नशा मुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में नशा विरोधी अभियान को और प्रभावी बनाने, गांव-गांव तक जनजागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी चर्चा की गई।
जनभागीदारी पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि VDC के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ने से नशा विरोधी अभियान को मजबूती मिली है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय योगदान देते रहें।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, पुलिस, VDC और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से पंजाब को नशे की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सकता है।