CM भगवंत मान ने ‘मोर्चा गुरु का बाग’ के शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनका शांतिपूर्ण संघर्ष न्याय और सत्य के लिए प्रेरणा देता रहेगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय ‘मोर्चा गुरु का बाग’ से जुड़े महान शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का बाग मोर्चे में शामिल महान योद्धाओं की अद्वितीय श्रद्धा, बलिदान और संघर्ष को सिख इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्याय और अत्याचार के सामने बिना झुके शांतिपूर्ण तरीके से लड़ा गया यह संघर्ष आज भी लोगों को न्याय और सत्य के लिए मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
‘मोर्चा गुरु का बाग’ के शहीदों को नमन
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संदेश में कहा कि ‘मोर्चा गुरु का बाग’ से जुड़े शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका त्याग सिख इतिहास में विशेष स्थान रखता है।
भगवंत मान ने कहा कि इन महान योद्धाओं की श्रद्धा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि समाज को उनके संघर्ष और आदर्शों से सीख लेनी चाहिए।
शांतिपूर्ण संघर्ष की ऐतिहासिक मिसाल
ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਸੁਨਹਿਰੀ ਪੰਨਿਆਂ ‘ਚ ਦਰਜ ‘ਮੋਰਚਾ ਗੁਰੂ ਕਾ ਬਾਗ਼’ ਦੇ ਮਹਾਨ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਅਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ੀ ਯੋਧਿਆਂ ਦੇ ਅਦੁੱਤੀ ਸਿਦਕ ਤੇ ਕੁਰਬਾਨੀ ਨੂੰ ਮੇਰਾ ਕੋਟਿ-ਕੋਟਿ ਪ੍ਰਣਾਮ। ਜ਼ੁਲਮ ਅੱਗੇ ਨਾ ਝੁਕਣ ਦਾ ਇਹ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਸੰਘਰਸ਼ ਸਾਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਹੱਕ-ਸੱਚ ਲਈ ਡਟਣ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਦਿੰਦਾ ਰਹੇਗਾ। pic.twitter.com/wivzjAnySH
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 8, 2026
‘मोर्चा गुरु का बाग’ को शांतिपूर्ण संघर्ष की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मिसाल के तौर पर याद किया जाता है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में इस संघर्ष की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आंदोलन अत्याचार के सामने झुका नहीं और सत्य तथा न्याय के लिए दृढ़ता से खड़ा रहा।
भगवंत मान के अनुसार, इस संघर्ष ने यह संदेश दिया कि बिना हिंसा के भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जा सकती है। शांतिपूर्ण संघर्ष और दृढ़ संकल्प की यह भावना आज भी समाज को प्रेरित करती है।
न्याय और सत्य के लिए प्रेरणा देता रहेगा इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोर्चा गुरु का बाग’ का इतिहास आने वाली पीढ़ियों को न्याय और सत्य के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि अत्याचार के सामने न झुकने और अपने सिद्धांतों पर कायम रहने का संदेश इस ऐतिहासिक संघर्ष की सबसे बड़ी सीखों में से एक है।
भगवंत मान ने कहा कि इतिहास में दर्ज ऐसे संघर्ष केवल अतीत की घटनाएं नहीं होते, बल्कि वे वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शन का काम करते हैं। उन्होंने शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं के त्याग को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
सिख इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है ‘गुरु का बाग’
‘मोर्चा गुरु का बाग’ सिख इतिहास के महत्वपूर्ण संघर्षों में गिना जाता है। इस ऐतिहासिक मोर्चे से जुड़े श्रद्धालुओं और संघर्षशील लोगों ने अपने अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसी ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संघर्ष की गाथा सिख इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है।
उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में शामिल लोगों की अटूट श्रद्धा और बलिदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। उनके त्याग ने सत्य, न्याय और धार्मिक अधिकारों के लिए संघर्ष की एक मजबूत मिसाल कायम की।
शहीदों के बलिदान को हमेशा किया जाएगा याद
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि महान शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं का बलिदान समाज के लिए अमूल्य विरासत है। उनके संघर्ष से मिलने वाली प्रेरणा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि न्याय और सत्य के लिए मजबूती से खड़े रहना और अन्याय के सामने न झुकना ही उन महान योद्धाओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘मोर्चा गुरु का बाग’ के महान शहीदों और संघर्षशील योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि उनका शांतिपूर्ण संघर्ष और अद्वितीय बलिदान हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास में दर्ज यह गौरवशाली अध्याय आने वाली पीढ़ियों को न्याय, सत्य और दृढ़ता के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश देता रहेगा।