मुख्यमंत्री भगवंत मान: ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट हुए 11 पंजाबियों की वतन वापसी: खुद रिसीव करने दिल्ली जाएंगे भगवंत मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान: ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट हुए 11 पंजाबियों की वतन वापसी: खुद रिसीव करने दिल्ली जाएंगे भगवंत मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट हुए 11 पंजाबियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर रिसीव करेंगे। सरकार ने अवैध ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया से 11 पंजाबियों सहित कुल 15 भारतीयों को डिपोर्ट (निर्वासित) किया गया है। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एलान किया कि वे आज रात खुद दिल्ली एयरपोर्ट जाकर इन युवाओं का स्वागत करेंगे। डिपोर्ट किए गए लोगों की सूची में पंजाब के 11 व्यक्तियों के अलावा तेलंगाना के दो, और हरियाणा व उत्तराखंड का एक-एक व्यक्ति शामिल है।

एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जांच के आदेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इन डिपोर्ट हुए युवाओं से विस्तार से बातचीत करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें विदेश भेजने वाले एजेंट कौन थे। मान ने कहा, “हम इस बात की तह तक जाएंगे कि इन युवाओं के दस्तावेज़ कैसे तैयार किए गए और किन एजेंटों ने इन्हें धोखा दिया।” राज्य सरकार इन एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी और आवश्यकता पड़ने पर विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय भी किया जाएगा।

अमेरिका से हुई डिपोर्टेशन और पुनर्वास के प्रयास

मुख्यमंत्री ने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई डिपोर्टेशन के समय से ही पंजाब सरकार पुनर्वास के प्रयासों में जुटी हुई है। हाल ही में एक C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए 104 भारतीयों को अमेरिका से अमृतसर लाया गया था, जिनमें 30 पंजाबी शामिल थे। मान ने स्वीकार किया कि डिपोर्टेशन न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी परिवारों को तोड़ देती है, इसलिए सरकार इनका पूरा सहयोग करेगी।

सुरक्षा जांच और सरकारी सहायता

अमृतसर एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों और पंजाब पुलिस ने पहले ही डिपोर्टेशन की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया हुआ है। डिपोर्ट किए गए व्यक्तियों के दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुँचाने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की है कि वे ‘डंकी’ (Donkey) जैसे अवैध रास्तों के बजाय कानूनी तरीकों को अपनाएं ताकि भविष्य में ऐसी कठिन स्थितियों से बचा जा सके।

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