यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2025 से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने सदन में सकारात्मक चर्चा और विपक्ष से रचनात्मक संवाद की अपील की। जानें सत्र की प्रमुख बातें और विपक्ष की प्रतिक्रिया।
यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने सभी विधायकों, खासकर विपक्ष को सदन में सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा करने की अपील की। सीएम ने कहा कि ऐसा करने से न केवल राज्य के विकास को गति मिलेगी, बल्कि जनता के हितों की बेहतर सेवा हो सकेगी।
योगी आदित्यनाथ का विपक्ष से संदेश – अनावश्यक व्यवधान न करें
सीएम योगी ने विपक्षी दलों से कहा कि वे सदन में नकारात्मकता और अनावश्यक व्यवधान से बचें। उन्होंने साफ कहा कि यदि विपक्ष इस दिशा में बाधा उत्पन्न करता है तो जनता की अदालत में इसका जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार है और सदन में पारदर्शिता के साथ काम करने का आग्रह किया।
विधानसभा सत्र का महत्व और एजेंडा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यूपी विधानसभा देश का सबसे बड़ा विधानमंडल है और इसमें 25 करोड़ की आबादी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा होगी। मानसून सत्र में बाढ़, जलजमाव, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी जोर दिया जाएगा। साथ ही क्वेश्चन आवर और जीरो आवर के दौरान विधायक अपनी बात रख सकेंगे।
सत्र की तारीखें और विपक्ष की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश का मानसून सत्र 11 अगस्त 2025 से शुरू होकर 14 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान 13 और 14 अगस्त को विधानसभा में लगातार 24 घंटे सत्र चलेगा, जिसमें राज्य का विजन डॉक्यूमेंट भी पेश किया जाएगा। वहीं, विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने चार दिन के सत्र की अवधि पर आपत्ति जताई है। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियां छुपाने के लिए इतना छोटा सत्र कर रही है।