उत्तर प्रदेश में 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनने के लक्ष्य से योगी सरकार ने 27 जिलों में MDA अभियान शुरू किया। जानें अभियान की रणनीति, जिले, और जनभागीदारी की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त (Filaria Free Uttar Pradesh) बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार, 10 अगस्त 2025 से राज्य के 27 जिलों के 195 ब्लॉकों में लिम्फेटिक फाइलेरियासिस के खिलाफ व्यापक जनऔषधि सेवन (Mass Drug Administration – MDA) अभियान की शुरुआत की गई।
इस अभियान का उद्देश्य राज्य में फाइलेरिया के प्रसार को जड़ से समाप्त करना है, जो कि मच्छरों के काटने से फैलने वाला एक गंभीर लेकिन रोके जाने योग्य रोग है।
फाइलेरिया मुक्त यूपी के लिए सरकार का मिशन
योगी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भी अभियान में शामिल किया है, जिससे जन सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। अभियान की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल को सौंपी गई है।
एमडीए अभियान में जनप्रतिनिधियों की भूमिका
अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों द्वारा दवा सेवन कर की गई, जिससे जनता को इस अभियान के प्रति भरोसा और जागरूकता मिले। विभिन्न विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल प्रदान किए गए हैं, जिससे अभियान को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ लागू किया जा सके।
स्कूलों और राशन दुकानों के जरिए जनजागरूकता
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शिक्षा विभाग स्कूलों में बच्चों को फाइलेरिया की रोकथाम के बारे में जागरूक कर रहा है। शिक्षक प्रार्थना सभा और कक्षा गतिविधियों के माध्यम से यह जानकारी साझा कर रहे हैं।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राशन की दुकानों पर जानकारी वितरित कर रहा है, जिससे बड़ी आबादी तक संदेश पहुंचे।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बनेंगी ब्रांड एंबेसडर
स्वास्थ्य विभाग ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया है। वे जनता को दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता के बारे में जानकारी देकर किसी भी प्रकार की आशंका को दूर करने में मदद करेंगी।
फाइलेरिया की रोकथाम और उपचार की जानकारी
फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है और इसके लक्षण जैसे अंगों की सूजन और दूधिया पेशाब वर्षों बाद (10–15 साल) सामने आते हैं। यह रोग लाइलाज है, लेकिन हर साल 5 साल तक दवा का सेवन इसे रोकने का कारगर तरीका है।
कहां-कहां चलाया जा रहा है MDA अभियान?
एमडीए अभियान निम्नलिखित 27 जिलों में चलाया जा रहा है: औरैया, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, चंदौली, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कौशाम्बी, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महाराजगंज, मिर्जापुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, रायबरेली और सुल्तानपुर।
कितनी टीमों की तैनाती की गई है?
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35,483 औषधि प्रशासक (Drug Administrators)
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7,096 पर्यवेक्षक (Supervisors)
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390 त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Teams)
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195 ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित की गईं हैं, और सूचना-संचार सामग्री भी भेजी गई है।
जन सहयोग से संभव होगा फाइलेरिया मुक्त उत्तर प्रदेश
फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए जरूरी है कि हर नागरिक अभियान में सक्रिय भागीदारी करे। योगी सरकार की यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राज्य को एक स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाने वाली रणनीतिक योजना का हिस्सा भी है।