पवित्र धरा कुरुक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय ‘बैसाखी महोत्सव 2026’ का भव्य उद्घाटन उत्साह और हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। यह आयोजन किसानों के परिश्रम, आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार किसानों की मेहनत और उनकी समृद्धि का उत्सव है। जब खेतों में लहलहाती फसलें पककर तैयार होती हैं, तो किसान का मन गर्व और संतोष से भर उठता है।
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर आयोजित दो दिवसीय ‘बैसाखी महोत्सव 2026’ का भव्य उद्घाटन बहुत हर्ष की बात है।
यह दिन किसानों के परिश्रम का उत्सव है। आज ही के दिन वर्ष 1699 में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। धर्म, कर्म और संस्कृति की… pic.twitter.com/kHXtw7KYjq
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 13, 2026
किसानों की मेहनत और संस्कृति का प्रतीक पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैसाखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और इतिहास का जीवंत उदाहरण है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने, श्रम का सम्मान करने और खुशहाली का उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है।
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खालसा पंथ स्थापना का ऐतिहासिक दिन
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संदेश में 1699 के ऐतिहासिक दिन का भी उल्लेख किया, जब दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि यह दिन धर्म, कर्म और संस्कृति की एकता का प्रतीक है।