एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम: कोस्पी 10% टूटा, वैश्विक तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली

एशियाई बाजारों में कोहराम: कोस्पी 10% टूटा, वैश्विक तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली

 

एशियाई शेयर बाजारों में आज भारी गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 10% लुढ़का। तकनीकी शेयरों में बिकवाली और वैश्विक मंदी के संकेतों की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

मंगलवार, 23 जून 2026 को एशियाई शेयर बाजारों के लिए एक काला दिन साबित हुआ। वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों (Tech stocks) में जारी बिकवाली का असर एशिया तक फैल गया, जिसके चलते निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आई तेजी के बाद अब निवेशकों को लग रहा है कि बाजार का मूल्यांकन जरूरत से ज्यादा हो चुका है, जिसके चलते दुनिया भर के बाजारों में ‘टेक राउट’ (Tech rout) जैसी स्थिति बन गई है।

कोस्पी का ऐतिहासिक पतन: 10% की भारी गिरावट

सबसे बुरी स्थिति दक्षिण कोरिया के बाजार की रही। वहां का प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक ‘कोस्पी’ (KOSPI) एक ही दिन में 10% लुढ़क गया। यह गिरावट इतनी तीव्र थी कि दोपहर के कारोबार में सुरक्षा कारणों से 20 मिनट के लिए पूरी स्टॉक एक्सचेंज की ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। कोस्पी पिछले दिन 9,114 के स्तर पर बंद हुआ था, जो आज गिरकर 8,203 के स्तर पर आ गया। यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से कोस्पी की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट है।

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़े कारक सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स रहे, जो इस सूचकांक का आधा से अधिक हिस्सा हैं। इन दोनों चिप दिग्गजों के शेयरों में 12% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण कोरिया के वित्तीय नियामक (FSS) द्वारा लीवरेज्ड निवेश उत्पादों (Leveraged ETFs) के जोखिमों को लेकर दी गई चेतावनी ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया, जिससे विदेशी निवेशकों ने भारी मात्रा में बिकवाली की।

जापान का निक्केई 225 भी धराशायी

जापान का बेंचमार्क सूचकांक ‘निक्केई 225’ भी इस बिकवाली की चपेट में आ गया। लगातार आठ दिनों तक तेजी के बाद, निक्केई 3.55% की गिरावट के साथ 69,788.38 के स्तर पर बंद हुआ। सूचकांक 72,404.37 के स्तर पर खुला था, लेकिन तकनीकी शेयरों में मुनाफावसूली के कारण इसमें 2,565 अंकों की भारी गिरावट देखी गई। जापान में सॉफ्टबैंक ग्रुप और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसे चिपमेकर शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसने पूरे बाजार को नकारात्मक दिशा में धकेल दिया।

वैश्विक स्तर पर डर का माहौल

एशियाई बाजारों की यह गिरावट अमेरिकी बाजार के ट्रेंड से प्रेरित है। सोमवार को टेक-हैवी नैस्डैक 1.3% गिर गया था, जिसके बाद निवेशकों के मन में यह सवाल पैदा हो गया है कि क्या ‘एआई बूम’ अब अपनी परिणति पर पहुँच चुका है।

बाजार की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार दोपहर 1:30 बजे तक अमेरिकी फ्यूचर्स भी गहरे लाल निशान में थे। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 1.4% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 2.3% की गिरावट दर्ज की गई, जो वॉल स्ट्रीट के लिए भी एक कमजोर शुरुआत का संकेत दे रही है। बाजार विशेषज्ञ इसे एक “तकनीकी सुधार” (technical correction) मान रहे हैं, लेकिन निवेशकों के बीच व्याप्त घबराहट यह दर्शाती है कि आने वाले दिनों में और भी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

निवेशक अब क्या करें?

बाजार में आई इस गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एआई के नाम पर जो तेजी आई थी, वह अब अस्थिर हो रही है। जानकारों का मानना है कि निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने (lock-in gains) के लिए शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति अभी भी स्थिर बताई जा रही है, लेकिन निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंचे वैल्युएशन वाले शेयरों से बचें और सतर्कता बरतें। 23 जून का दिन एशियाई बाजारों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि अनियंत्रित तेजी के बाद सुधार अनिवार्य है।

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