आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक के अनशन और ‘कॉकरोच मूवमेंट’ का समर्थन किया। केजरीवाल ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पहुंचे। शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से यहाँ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि युवाओं की जायज मांगों को जबरन दबाने की कोशिश सरकार की सबसे बड़ी हार साबित होगी।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह छात्रों और युवाओं के इस आंदोलन को हल्के में न ले, वरना आने वाले समय में देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।
‘इतना अहंकार ठीक नहीं, बल प्रयोग के बजाय संवाद करे सरकार
इतना अहंकार ठीक नहीं है।
उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी।
कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो
सोनम वांगचुक के साथ ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 18, 2026
प्रदर्शनकारियों और मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के रवैये पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा:
“सत्ता का ऐसा अहंकार किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए ठीक नहीं है। सरकार को प्रदर्शनकारी युवाओं और सोनम वांगचुक को जबरन उठाने या आंदोलन को बलपूर्वक खत्म करने के बजाय उनसे मेज पर बैठकर सीधी बात करनी चाहिए। तानाशाही से देश नहीं चलता, जनता की आवाज सुननी ही पड़ेगी।”
केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक कोई अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि इस देश के करोड़ों बच्चों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर अनशन कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना बेहद निंदनीय है।
नीट-यूजी (NEET-UG) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हाल ही में सामने आए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने देश की बदहाल परीक्षा प्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं द्वारा चलाए जा रहे इस ‘कॉकरोच मूवमेंट’ (युवा आक्रोश आंदोलन) को कुचलने की कोशिशों पर सरकार को घेरा।
अरविंद केजरीवाल ने मांग की:
“आज देश का युवा सड़कों पर है क्योंकि उसका भविष्य अंधकार में है। हर दूसरी परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। इस कॉकरोच आंदोलन को पुलिस के दम पर कुचलने के बजाय, मोदी सरकार को देश की जर्जर हो चुकी शिक्षा और परीक्षा प्रणाली (Examination System) में आमूल-चूल सुधार करने चाहिए।”
वांगचुक से जबरन निपटना मोदी सरकार की बड़ी राजनीतिक हार
अरविंद केजरीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार इस शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिसिया ताकत से दबाने की भूल करती है, तो यह उसकी बहुत बड़ी नैतिक और राजनीतिक पराजय होगी। उन्होंने कहा कि जब-जब सरकारों ने युवाओं की आवाज को दबाया है, तब-तब सत्ता परिवर्तन हुआ है।