E20 विवाद: पीएम मोदी से मुलाकात नहीं होने पर अरविंद केजरीवाल का दावा, बोले- 2.33 लाख लोगों की आवाज भी नहीं सुनी गई

E20 विवाद: पीएम मोदी से मुलाकात नहीं होने पर अरविंद केजरीवाल का दावा, बोले- 2.33 लाख लोगों की आवाज भी नहीं सुनी गई

 

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि E20 पेट्रोल नीति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 2.33 लाख लोगों की हस्ताक्षर याचिका लेकर पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक महीने पहले E20 मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को 2.33 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका लेकर वे प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया गया।

‘एक महीने पहले मांगा था समय’

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि E20 पेट्रोल नीति को लेकर जनता की चिंताओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराने के लिए उन्होंने करीब एक महीने पहले मुलाकात का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, इस अनुरोध पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

केजरीवाल का कहना है कि E20 नीति का असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ सकता है, इसलिए इस विषय पर सरकार और आम लोगों के बीच संवाद होना जरूरी है।

2.33 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका लेकर पहुंचे

AAP प्रमुख ने दावा किया कि वे 2 लाख 33 हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाली याचिका लेकर प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इस याचिका में देशभर के वाहन मालिकों और नागरिकों ने E20 नीति को लेकर अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आवाज को अनसुना करने जैसा है।

‘क्या सरकार जनता की बात सुनेगी?’

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जब लाखों नागरिक किसी नीति को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है और सरकार का दायित्व है कि वह लोगों की आशंकाओं का समाधान करे।

उन्होंने केंद्र सरकार से E20 नीति पर विस्तृत चर्चा करने और विशेषज्ञों, वाहन उद्योग तथा उपभोक्ताओं की राय लेने की अपील की।

क्या है E20 पेट्रोल नीति?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस नीति से पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।

हालांकि, इस नीति को लेकर विपक्ष और कुछ वाहन मालिकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि पुराने वाहनों की अनुकूलता, इंजन पर संभावित प्रभाव और अतिरिक्त खर्च जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

सरकार की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया

अरविंद केजरीवाल के इन दावों पर फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यदि सरकार इस मुद्दे पर कोई स्पष्टीकरण देती है, तो E20 नीति को लेकर चल रही चर्चा को नई दिशा मिल सकती है.

 

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