अरविंद केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जानिए क्यों उन्होंने देश को ‘एक्सपेरिमेंटल लैब’ कहा और वाहन मालिकों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर देश को एक ‘प्रयोगशाला’ में बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका मुख्य तर्क ई20 (पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण) नीति के क्रियान्वयन को लेकर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दिए गए बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि यदि यह कार्यक्रम अभी भी एक ‘प्रयोग’ के स्तर पर है, तो इसे बिना पर्याप्त परीक्षण और वैकल्पिक व्यवस्था किए पूरे देश में अनिवार्य क्यों कर दिया गया है।
वाहन मालिकों के सामने चुनौतियां
मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक experiment lab है। लोगों पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है। Ethanol से लोगों की गाड़ियां बंद पड़ रही हैं, parts खराब हो रहे हैं और mileage गिर रहा है। लोगों में बहुत ज़्यादा गुस्सा है।
मैं प्रधानमंत्री जी को इस विषय पर चिट्ठी लिखने जा रहा हूँ।… pic.twitter.com/n9C6tpWyQi
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 3, 2026
केजरीवाल ने इस नीति के कारण आम नागरिकों को होने वाली व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है:
- इंजन की खराबी: इथेनॉल के उच्च मिश्रण के कारण गाड़ियों के इंजन के पुर्जों में खराबी और बार-बार गाड़ी बंद होने जैसी समस्याएं आ रही हैं।
- माइलेज में कमी: उन्होंने एक सर्वे (LocalCircles) का उल्लेख किया, जिसके अनुसार 66% पुराने वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियों की माइलेज में 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की है।
- आर्थिक बोझ: इंजन पार्ट्स के जल्दी खराब होने और माइलेज घटने से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री को पत्र और जन-सहभागिता
इस स्थिति को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है:
- प्रधानमंत्री को पत्र: केजरीवाल ने घोषणा की है कि वे इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखेंगे, जिसमें आम जनता की चिंताओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।
- जनता की राय: उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उन्हें बताएं कि इस पत्र में किन-किन महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए ताकि सरकार तक जनता की परेशानी सही तरीके से पहुंच सके।
- लोकतांत्रिक जवाबदेही: केजरीवाल का मानना है कि सरकार को जनता के फीडबैक का सम्मान करना चाहिए और जनहित को ध्यान में रखते हुए ही ऐसी नीतियां लागू करनी चाहिए।