AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति का विरोध करते हुए दावा किया कि 2 लाख से अधिक लोगों की याचिका लेकर वह प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि E20 से लोगों के वाहन खराब हो रहे हैं और सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में बड़ी मात्रा में इथेनॉल खरीद रही है, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 ईंधन के कारण लोगों के वाहन खराब हो रहे हैं और सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
2 लाख से अधिक याचिकाओं के साथ पीएम आवास पहुंचने का दावा
ट्रंप के दबाव में मोदी जी अमेरिका से भारी मात्रा में ethanol ख़रीद रहे हैं। ट्रंप की गुलामी ये कर रहे और गाड़ियां आम आदमी की ख़राब हो रही हैं।
आज हम 2 lakh से ज़्यादा petitions लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं उनसे निवेदन करने कि वो ऐसा न करें। हमारे साथ 100 ऐसे लोग हैं जिनकी… pic.twitter.com/nGJJRr2NOT
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 4, 2026
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह 2 लाख से अधिक लोगों द्वारा हस्ताक्षरित याचिकाएं लेकर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे हैं। उनके अनुसार, इन याचिकाओं के माध्यम से लोगों ने E20 नीति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसे 100 लोग भी मौजूद हैं, जिनका दावा है कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से उनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
केजरीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक आम जनता की आवाज पहुंचाना है और उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से सुनेंगे।
E20 नीति पर पुनर्विचार की मांग
AAP प्रमुख ने कहा कि सरकार को ऐसी किसी भी नीति को लागू करने से पहले उसके प्रभाव का व्यापक अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी नीति से आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, तो सरकार को उस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि E20 नीति के कारण वाहन मालिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
केंद्र सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार पहले भी कह चुकी है कि E20 इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से E20 ईंधन को लागू किया जा रहा है और इसके लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ भी समन्वय किया गया है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
खबर लिखे जाने तक भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से अरविंद केजरीवाल के ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। E20 नीति को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना है।