कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पर अरविंद केजरीवाल का बयान, बोले- भारत को पदक तालिका में शीर्ष पर होना चाहिए

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पर अरविंद केजरीवाल का बयान, बोले- भारत को पदक तालिका में शीर्ष पर होना चाहिए

 

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन पर अरविंद केजरीवाल ने भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत को भविष्य में पदक तालिका में शीर्ष पर होना चाहिए और कुश्ती व शूटिंग को हटाने का विरोध किया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन पर भारतीय खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। उन्होंने देश के लिए पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। साथ ही उन्होंने भविष्य में भारत को पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर खेलों में निवेश और खिलाड़ियों को मजबूत संरचनात्मक समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘देश को खिलाड़ियों पर गर्व है’

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले और देश के लिए पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष ने पूरे देश का नाम रोशन किया है और भारत को उन पर गर्व है।

उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर खेल ढांचा उपलब्ध कराया जाए तो आने वाले वर्षों में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है।

जमीनी स्तर पर निवेश बढ़ाने की वकालत

AAP प्रमुख ने कहा कि भारत के पास खेल प्रतिभाओं की अपार क्षमता है, लेकिन इस क्षमता को निखारने के लिए जमीनी स्तर पर योजनाबद्ध निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए दीर्घकालिक समर्थन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि यदि खिलाड़ियों को मजबूत संरचनात्मक सहयोग मिले तो भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

कुश्ती और शूटिंग को हटाने पर जताई नाराजगी

अरविंद केजरीवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कार्यक्रम से कुश्ती और शूटिंग जैसे खेलों को बाहर किए जाने पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये दोनों ऐसे खेल हैं जिनमें भारत पारंपरिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहा है और बड़ी संख्या में पदक जीतता आया है।

उन्होंने कहा कि इन खेलों को प्रतियोगिता से हटाया जाना निराशाजनक है और भारत को इस फैसले का मजबूती से विरोध करना चाहिए। उनके अनुसार ऐसे निर्णय उन खिलाड़ियों के हितों को प्रभावित करते हैं, जिन्होंने वर्षों तक इन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए मेहनत की है।

भारत की खेल नीति को और मजबूत बनाने की जरूरत

केजरीवाल ने कहा कि भारत को केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दीर्घकालिक खेल नीति तैयार कर विश्व खेल महाशक्ति बनने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की पहचान, बेहतर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराकर भारत भविष्य में और अधिक पदक जीत सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

खेलों में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर

AAP प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि भारत की युवा आबादी और खेल प्रतिभा को देखते हुए भविष्य में देश के लिए वैश्विक खेल मंचों पर शीर्ष स्थान हासिल करना संभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उचित नीतियों और मजबूत खेल ढांचे के माध्यम से भारत आने वाले वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

 

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