अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह से पूछा कि राम के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा के गृह मंत्री आज तक अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए क्यों नहीं गए?
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। केजरीवाल ने सीधा सवाल किया है कि जो भाजपा नेता हर चुनाव में श्री राम के नाम पर वोट मांगते हैं, वे राम मंदिर बनने के ढाई साल बाद भी आज तक अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने क्यों नहीं गए?
‘राम केवल चुनावी टूल?’
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि भाजपा की श्री राम के प्रति आस्था वास्तविक है या फिर वे केवल इसे चुनावी राजनीति का एक साधन मानते हैं। केजरीवाल के अनुसार, उन्होंने सार्वजनिक रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स की जांच की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के 891 दिनों के बाद भी गृह मंत्री ने एक बार भी रामलला के दर्शन नहीं किए हैं, जबकि उन्होंने अपने भाषणों और साक्षात्कारों में राम मंदिर का उल्लेख 42 बार से अधिक किया है।
केजरीवाल के 5 तीखे सवाल
अमित शाह जी, देश की जनता एक सीधा सवाल पूछ रही है—
आप चुनावी सभाओं में बार-बार प्रभु श्रीराम का नाम लेते हैं और उनके नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन आज तक अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन क्यों नहीं किए?
क्या प्रभु श्रीराम आपके लिए सच्ची आस्था का विषय हैं, या सिर्फ चुनावी राजनीति का?… pic.twitter.com/sSjA8TNFy7
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 2, 2026
अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से सीधे पांच सवाल पूछे हैं:
- दर्शन क्यों नहीं किए? पिछले ढाई साल में आप एक बार भी राम मंदिर क्यों नहीं गए?
- आस्था का प्रश्न: क्या आपका राम मंदिर जाने का मन नहीं करता?
- आशीर्वाद की आवश्यकता: क्या आपको भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत नहीं है?
- राम को भगवान मानना: क्या आप वास्तव में श्री रामचंद्र जी को भगवान मानते हैं?
- राजनीतिक उपयोग: क्या भाजपा की आस्था केवल चुनावों तक सीमित है या आप वास्तव में श्री राम के भक्त हैं?
‘चंदा चोरी’ और आस्था पर गंभीर आरोप
केजरीवाल ने इस मामले को राम मंदिर ट्रस्ट में कथित ‘चंदा चोरी’ और जमीन घोटाले से जोड़ते हुए कहा कि यदि भाजपा के नेता भगवान राम को सच में ईश्वर मानते, तो वे कभी भी मंदिर के दान और चढ़ावे में भ्रष्टाचार नहीं होने देते। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने दशकों से सत्ता में आने के लिए सिर्फ राम के नाम का इस्तेमाल किया है।
केजरीवाल ने अंत में कहा कि जिन नेताओं ने राम मंदिर आंदोलन के नाम पर राजनीति की, उनसे देश की जनता यह उम्मीद करती है कि वे मंदिर जाकर श्रद्धा व्यक्त करेंगे और भगवान का धन्यवाद करेंगे। लेकिन अमित शाह की इस मामले पर चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।