अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में बदलाव से उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, निवेश, विनिर्माण और रोजगार को लेकर सरकार की नीतियों का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में हुए बदलावों ने राज्य को निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया।
2017 के बाद कानून-व्यवस्था में बदलाव का दावा
अमित शाह ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और वर्तमान स्थिति की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक समय राज्य में अपराध और माफिया गतिविधियों को लेकर निवेशकों के बीच चिंता थी। शाह के अनुसार, 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार ने माफिया और अपराध के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने दावा किया कि इस बदलाव से राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। यह सरकार की ओर से प्रस्तुत राजनीतिक और प्रशासनिक आकलन है।
2013 की घटना का किया जिक्र
गृह मंत्री ने अपने भाषण में 2013 में आयोजित निवेश सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया था, लेकिन कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों के कारण इसे लखनऊ के बजाय दिल्ली में आयोजित करना पड़ा। शाह ने कहा कि उस समय राज्य के अधिकारियों ने निवेशकों के आने को लेकर कानून-व्यवस्था की चिंता का हवाला दिया था। इसके मुकाबले उन्होंने वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश को निवेश आकर्षित करने वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत किया।
निवेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने व्यापार मेले के पिछले संस्करणों का भी उल्लेख किया और कहा कि 2025 के आयोजन में पांच लाख से अधिक लोग पहुंचे थे, जबकि 2,400 से ज्यादा समझौता ज्ञापन यानी एमओयू हुए थे। उनके मुताबिक इस आयोजन के जरिए निवेश और व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। 2026 के व्यापार मेले से भी उन्होंने पिछले रिकॉर्ड से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई।
अपराध से विनिर्माण तक की तुलना
अपने संबोधन में शाह ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समझाने के लिए अपराध से जुड़े उदाहरणों और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों के बीच तुलना की। उन्होंने कहा कि पहले जिन गतिविधियों को लेकर राज्य की छवि पर सवाल उठते थे, उनकी जगह अब रक्षा विनिर्माण, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्र उभर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से रक्षा गलियारे, वाहन विनिर्माण और मेडिकल डिवाइस पार्क का जिक्र किया। शाह ने इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक ढांचे में आए बदलाव से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।
डिफेंस कॉरिडोर और नए औद्योगिक क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। अमित शाह ने अपने भाषण में इसका उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी विनिर्माण गतिविधियां बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे राज्य में औद्योगिक बदलाव के उदाहरण के तौर पर पेश किया। हालिया रिपोर्टों में भी उत्तर प्रदेश के बढ़ते रक्षा विनिर्माण क्षेत्र और ब्रह्मोस मिसाइल तथा एके-203 राइफल जैसे रक्षा उत्पादों से जुड़े उत्पादन का उल्लेख हुआ है।
राजनीतिक स्थिरता और नीति निरंतरता पर जोर
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक स्थिरता को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि लगातार तीन कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में जनता का विश्वास हासिल करने के साथ मोदी सरकार ने नीतियों को तैयार करने के साथ उनके क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। शाह ने कहा कि अनुभव के आधार पर मौजूदा नीतियों में बदलाव और नई नीतियों के निर्माण से भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया गया है। यह उनके संबोधन में केंद्र सरकार की आर्थिक और औद्योगिक नीतियों का प्रस्तुत किया गया दृष्टिकोण था।
ओडीओपी से रोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए राज्य के अलग-अलग जिलों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और निर्माताओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। शाह के मुताबिक पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, जबकि अब ओडीओपी जैसी पहलों के माध्यम से राज्य में ही रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने व्यापार और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी वेबसाइट भी लॉन्च किए जाने की जानकारी दी।
वैश्विक बाजार से जुड़ने का मंच बना ट्रेड शो
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो को राज्य के उत्पादों और निर्माताओं को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के मंच के रूप में पेश किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 2026 के आयोजन में 90 देशों से 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार और करीब 2,400 प्रदर्शक शामिल हुए हैं। राज्य सरकार ने लगभग 1.5 लाख बी2बी आगंतुकों का अनुमान भी जताया है। इससे पता चलता है कि आयोजन में पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों को भी प्रदर्शित करने पर जोर है।
निवेश, उद्योग और रोजगार पर सरकार का फोकस
अमित शाह के संबोधन का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों के बीच संबंध, निवेश को आकर्षित करना, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार रहा। उन्होंने राज्य में आए बदलावों को केंद्र और राज्य की नीतियों से जोड़ते हुए इसे ‘डबल इंजन’ सरकार का परिणाम बताया। वहीं उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के जरिए राज्य के उत्पादों, उद्यमियों और विनिर्माण क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का घोषित लक्ष्य राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे ले जाना है।