पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन तथा देश के प्रति समर्पण को याद किया।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति समर्पण को याद किया। शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए पीएम मोदी ने डॉ. मनमोहन सिंह को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक जीवन में कई वर्ष बिताए और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की। डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले नेताओं में शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से उन्हें याद किया जाना उनके सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के लिए दिए गए योगदान के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
26 सितंबर 1932 को हुआ था जन्म
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। उनका जीवन शिक्षा, अर्थशास्त्र, प्रशासन और राजनीति के विभिन्न महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनकी गहरी विशेषज्ञता रही और सार्वजनिक जीवन में आने से पहले उन्होंने कई महत्वपूर्ण संस्थानों तथा सरकारी जिम्मेदारियों में काम किया। आर्थिक मामलों की उनकी समझ ने आगे चलकर उन्हें देश की आर्थिक नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर दिया। उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में हुआ। उनके निधन के बाद देशभर में राजनीतिक दलों के नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सार्वजनिक जीवन को याद किया।
1991 से 1996 तक रहे वित्त मंत्री
डॉ. मनमोहन सिंह का राजनीतिक और आर्थिक जीवन भारत के लिए विशेष रूप से 1991 के बाद महत्वपूर्ण रहा। वह 1991 से 1996 तक केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे। यह वह दौर था जब भारतीय अर्थव्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थी। देश भुगतान संतुलन के संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। ऐसे समय में सरकार ने आर्थिक नीतियों में व्यापक बदलावों की शुरुआत की। वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने इन सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी अवधि में भारत में आर्थिक उदारीकरण की व्यापक प्रक्रिया शुरू हुई, जिसे बाद में भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा गया।
आर्थिक सुधारों से बदली नीति की दिशा
1991 में शुरू हुए आर्थिक सुधारों के तहत उद्योग, व्यापार, निवेश और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए गए। औद्योगिक लाइसेंसिंग की व्यवस्था को आसान बनाया गया और निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए। विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े नियमों में भी परिवर्तन हुए। इन नीतिगत बदलावों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना था। डॉ. मनमोहन सिंह के वित्त मंत्री रहते हुए पेश की गई आर्थिक नीतियों को दुनियाभर में व्यापक रूप से पहचान मिली। आगे चलकर इन सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की दिशा पर लंबे समय तक प्रभाव डाला।
2004 में बने देश के प्रधानमंत्री
डॉ. मनमोहन सिंह ने 22 मई 2004 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। उनके नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार ने केंद्र में अपना कार्यकाल शुरू किया। उन्होंने 22 मई 2009 को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह उन्होंने 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उनके नेतृत्व वाली सरकार के दौरान सूचना का अधिकार कानून, मनरेगा और शिक्षा के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कानूनों और कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
सार्वजनिक जीवन में लंबा योगदान
डॉ. मनमोहन सिंह का सार्वजनिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा। प्रधानमंत्री पद संभालने से पहले भी उन्होंने भारतीय प्रशासन और आर्थिक नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रहे और योजना आयोग सहित कई संस्थागत भूमिकाओं में योगदान दिया। उनके प्रशासनिक और आर्थिक अनुभव ने उन्हें राष्ट्रीय नीति निर्माण में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। प्रधानमंत्री के रूप में भी उनकी पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर रही जिनका आर्थिक और प्रशासनिक अनुभव व्यापक था।
पीएम मोदी ने जताया सम्मान
जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में डॉ. मनमोहन सिंह के सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति उनकी सेवा को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने कई वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा की। डॉ. मनमोहन सिंह के राजनीतिक जीवन को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद रहे, लेकिन उनके निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके योगदान को याद किया। उनकी आर्थिक विशेषज्ञता और 1991 के आर्थिक सुधारों में भूमिका का उल्लेख उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख विशेषताओं में किया जाता है।
देश के आर्थिक इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय
डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन भारतीय लोकतंत्र और आर्थिक नीति के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा। 1991 में वित्त मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुए आर्थिक सुधारों और 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका ने भारतीय सार्वजनिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा। 26 सितंबर को उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति समर्पण को श्रद्धांजलि दी। डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत में एक अर्थशास्त्री, प्रशासक, वित्त मंत्री और दो कार्यकाल तक प्रधानमंत्री के रूप में निभाई गई उनकी अलग-अलग भूमिकाएं शामिल हैं। उनका जीवन भारतीय राजनीति और आर्थिक नीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है।