केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओणम के पावन अवसर पर केरलवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओणम के पावन और शुभ अवसर पर केरल के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने केरलवासियों को संबोधित करते हुए कामना की कि खुशियों का यह पर्व सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण लेकर आए। अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि ओणम का यह आनंदमय अवसर सभी के लिए सुखद और समृद्ध नए वर्ष की शुरुआत करे। उन्होंने केरल के भाई-बहनों के प्रति अपनी आत्मीय शुभेच्छाएं व्यक्त करते हुए त्योहार की खुशियों को सभी के साथ साझा किया।
केरल की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा है ओणम
ओणम केरल का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जिसे पूरे राज्य में बेहद उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार केरल की परंपरा, संस्कृति, लोक जीवन और सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है। ओणम के दौरान घरों में विशेष सजावट की जाती है, फूलों से आकर्षक पूकलम बनाए जाते हैं और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और परिवार के साथ मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं। अमित शाह की ओर से दी गई शुभकामनाएं इस समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रति सम्मान और केरलवासियों के साथ आत्मीय जुड़ाव को दर्शाती हैं।
शांति और समृद्धि की कामना
अमित शाह ने अपने संदेश में ओणम के अवसर पर सबसे महत्वपूर्ण रूप से शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व हर परिवार के जीवन में खुशियां लेकर आएगा और आने वाला वर्ष सभी के लिए बेहतर साबित होगा। त्योहारों का महत्व केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करते हैं। ओणम भी इसी भावना का प्रतीक है। केंद्रीय गृह मंत्री का संदेश इसी व्यापक भावना को सामने रखता है कि समाज में शांति और भाईचारा मजबूत हो तथा हर व्यक्ति सुख और सम्मान के साथ जीवन जी सके।
स्वास्थ्य और कल्याण का संदेश
ओणम के अवसर पर अमित शाह ने लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की भी कामना की। उनका संदेश केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्वस्थ और सुखी जीवन की भावना भी शामिल रही। किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसके नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल हों। इसलिए ओणम जैसे पर्व पर स्वास्थ्य, शांति और कल्याण की कामना विशेष महत्व रखती है। यह संदेश लोगों को एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होने और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा भी देता है।
राजा महाबली की परंपरा और ओणम
ओणम का संबंध केरल की प्राचीन लोककथाओं और राजा महाबली की परंपरा से माना जाता है। लोकप्रिय मान्यता के अनुसार राजा महाबली के शासनकाल में प्रजा सुखी, समृद्ध और समानता के वातावरण में रहती थी। ओणम को उनकी स्मृति से जोड़कर देखा जाता है और माना जाता है कि इस अवसर पर राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं। यही वजह है कि ओणम को खुशहाली, समानता, प्रेम और सामाजिक एकता का पर्व माना जाता है। इस त्योहार का संदेश समाज में आपसी सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करने वाला है।
पूकलम से लेकर ओणम साध्या तक उत्सव की धूम
ओणम के दौरान केरल में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष धूम रहती है। घरों के आंगन में रंग-बिरंगे फूलों से पूकलम बनाया जाता है, जो त्योहार की सुंदरता को और बढ़ा देता है। परिवारों में विशेष ओणम साध्या का आयोजन होता है, जिसमें केले के पत्ते पर विभिन्न पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। इसके अलावा पारंपरिक नृत्य, संगीत, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी ओणम उत्सव का हिस्सा होते हैं। केरल के कई हिस्सों में नाव दौड़ जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं, जो इस पर्व के सामुदायिक उत्साह को दर्शाती हैं।
विविधता में एकता का प्रतीक
ओणम की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी समावेशी भावना है। यह पर्व लोगों को साथ आने, खुशियां साझा करने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर देता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग क्षेत्रों के त्योहार देश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। ओणम भी भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। अमित शाह का केरलवासियों के लिए शुभकामना संदेश इसी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाता है।
केरलवासियों के लिए आत्मीय शुभकामनाएं
अमित शाह ने अपने संदेश में केरल के भाई-बहनों के प्रति आत्मीय भाव व्यक्त करते हुए ओणम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि खुशियों का यह पर्व सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण से भरे नए वर्ष का शुभारंभ करे। उनका संदेश त्योहार की मूल भावना—खुशी बांटने, साथ आने और बेहतर भविष्य की कामना करने—को रेखांकित करता है।
खुशहाली और सकारात्मकता के साथ मनाएं ओणम
ओणम केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि उम्मीद, खुशहाली और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देता है। यह लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने के साथ-साथ परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर देता है। अमित शाह की शुभकामनाओं में भी यही भावना दिखाई देती है कि ओणम सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए। शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना के साथ दिया गया यह संदेश केरलवासियों के लिए त्योहार की खुशियों को और विशेष बनाता है। ओणम के इस शुभ अवसर पर देशभर से केरल के लोगों को शुभकामनाएं मिल रही हैं और हर ओर सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की जा रही है।