मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ शादमान इस्लाम का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया और सबसे सफल बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान स्टार्क ने इतिहास रचते हुए टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल बाएं हाथ के गेंदबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। गुरुवार को बांग्लादेश की पहली पारी में सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को आउट करते ही स्टार्क ने श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया। मैच शुरू होने से पहले स्टार्क और हेराथ के नाम टेस्ट क्रिकेट में बराबर विकेट थे, लेकिन शादमान का विकेट हासिल करते ही ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। यह उपलब्धि स्टार्क के शानदार और लंबे टेस्ट करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।
रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा
बांग्लादेश की पारी के नौवें ओवर में मिचेल स्टार्क ने शादमान इस्लाम को अपना शिकार बनाया। शादमान का कैच उनके ऑस्ट्रेलियाई साथी नाथन लियोन ने पकड़ा। इस विकेट के साथ ही स्टार्क के टेस्ट विकेटों की संख्या 434 हो गई और उन्होंने रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया। हेराथ लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज रहे थे, लेकिन अब यह रिकॉर्ड स्टार्क के नाम हो गया है। स्टार्क की खासियत यह है कि उन्होंने यह मुकाम तेज गेंदबाजी के दम पर हासिल किया है, जबकि हेराथ मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाज थे। इस तरह स्टार्क ने न केवल ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट में भी अपनी विरासत को और मजबूत किया है।
कपिल देव के साथ संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर
434 टेस्ट विकेट हासिल करने के बाद मिचेल स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव के साथ संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। कपिल देव ने 1978 से 1994 के बीच 131 टेस्ट मैचों में 434 विकेट हासिल किए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा केवल 106 टेस्ट मैचों में हासिल किया है, जो उनकी प्रभावशाली गेंदबाजी क्षमता को दर्शाता है। तेज गति, सटीक यॉर्कर, स्विंग और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता ने स्टार्क को लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम का प्रमुख गेंदबाज बनाए रखा है।
अब स्टार्क के सामने टेस्ट क्रिकेट की सर्वकालिक शीर्ष 10 विकेट लेने वालों में जगह बनाने का मौका है। दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन इस सूची में 10वें स्थान पर हैं और उनके नाम 93 टेस्ट मैचों में 439 विकेट हैं। यानी स्टार्क को शीर्ष 10 में पहुंचने के लिए केवल छह और विकेट की जरूरत है। यदि वह मौजूदा टेस्ट या आगामी मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो उनके करियर का यह एक और ऐतिहासिक पड़ाव होगा।
स्टार्क की गेंदबाजी ने बनाया अलग मुकाम
मिचेल स्टार्क को आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। उन्होंने अक्टूबर 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और इसके बाद धीरे-धीरे ऑस्ट्रेलियाई टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में अपनी जगह बना ली। तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करने वाले स्टार्क ने कई बड़े टूर्नामेंटों में टीम की सफलता में अहम योगदान दिया है। उनकी सबसे बड़ी खूबियों में तेज रफ्तार के साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता और बल्लेबाजों के लिए लगातार मुश्किल एंगल बनाना शामिल है।
स्टार्क ने अपने करियर में कई बार महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। खास तौर पर बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। वह उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप—तीनों प्रमुख आईसीसी विश्व खिताब अपने नाम किए हैं।
वनडे क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट के अलावा वनडे इंटरनेशनल में भी स्टार्क का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 130 वनडे मैचों में 247 विकेट हासिल किए हैं और उनका गेंदबाजी औसत 23.58 रहा है। वह दो बार वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे हैं। 2015 और 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता और दोनों अभियानों में स्टार्क की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विशेष रूप से बड़े मुकाबलों में उनकी विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल किया।
टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि का इंतजार
मिचेल स्टार्क के लिए 434 विकेट का आंकड़ा केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने का प्रमाण भी है। 36 वर्ष की उम्र में भी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रभावी बने हुए हैं और अब उनकी नजर टेस्ट क्रिकेट की सर्वकालिक शीर्ष 10 विकेट लेने वालों की सूची पर होगी। डेल स्टेन के 439 विकेट से केवल छह विकेट दूर स्टार्क के पास जल्द ही एक और रिकॉर्ड अपने नाम करने का शानदार मौका है।
शादमान इस्लाम का विकेट लेकर स्टार्क ने रंगना हेराथ को पीछे जरूर छोड़ दिया, लेकिन उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। 434 विकेट के साथ वह कपिल देव के बराबर पहुंच चुके हैं और अब 439 विकेट के आंकड़े को पार करना उनके अगले बड़े लक्ष्य में शामिल होगा। जिस निरंतरता के साथ स्टार्क ने पिछले डेढ़ दशक में ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाजी की है, उसे देखते हुए उनका नाम क्रिकेट इतिहास के महानतम बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में लंबे समय तक याद किया जाएगा।