भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उनके विचारों और योगदान को याद करते हुए शिक्षा, समानता और लोकतंत्र पर विशेष चर्चा हुई। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बाबा साहेब के सिद्धांतों को आज के समय में भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
समानता और क्षमता आधारित समाज का सपना
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था, जहाँ व्यक्ति की पहचान जाति से नहीं बल्कि उसकी योग्यता और मेहनत से हो। उनके विचारों के अनुसार एक सशक्त समाज का आधार समान अवसर और शिक्षा है।
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शिक्षा को लेकर अंबेडकर का संदेश
मनीष सिसोदिया ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया था, जिससे व्यक्ति आत्मनिर्भर और जागरूक बनता है। उनका प्रसिद्ध संदेश “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा” आज भी प्रेरणा देता है।
आज बाबा साहेब के जन्मदिवस पर याद रखना होगा:
उनका का सपना था- एक ऐसा भारत, जहाँ किसी की पहचान उसकी जाति नहीं, उसकी क्षमता और मेहनत हो।
उस सपने की नींव उन्होंने रखी- हर बच्चे को शानदार शिक्षा मिले। उन्होंने कहा था- “शिक्षा शेरनी का वो दूध है, जो पिएगा, वो दहाड़ेगा।”
और इसी सपने… pic.twitter.com/DO3WrjOkme
— Manish Sisodia (@msisodia) April 14, 2026
लोकतंत्र और मतदान अधिकार
उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर ने हर नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे देश में लोकतंत्र मजबूत हुआ और जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार मिला।
शिक्षा और अधिकारों को लेकर संदेश
सिसोदिया ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र और शिक्षा को मजबूत बनाए रखना जरूरी है ताकि हर बच्चे को बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और मतदान अधिकार किसी भी समाज की बुनियाद होते हैं।
अंबेडकर के सपनों को आगे बढ़ाने की अपील
उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब के आदर्शों को साकार करने के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।