AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर गरीब छात्राओं की फ्री साइकिल योजना में 90 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया। जानिए पूरा मामला।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गरीब छात्राओं को मुफ्त साइकिल वितरण योजना में कथित अनियमितताओं और 90 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां कर महंगी साइकिलों का उल्लेख किया गया, लेकिन छात्राओं को कम गुणवत्ता वाली साइकिलें देकर उन पर महंगे ब्रांड के स्टिकर लगा दिए गए।
सौरभ भारद्वाज ने लगाए गंभीर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने टेंडर में महंगी और उच्च गुणवत्ता वाली साइकिलों का उल्लेख किया, लेकिन वास्तविक वितरण के दौरान सस्ती साइकिलें उपलब्ध कराई गईं। उनका आरोप है कि इन साइकिलों पर महंगे ब्रांड के स्टिकर लगाकर उन्हें टेंडर के अनुरूप दिखाने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि गरीब छात्राओं के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भाजपा सरकार ने टेंडर आवंटन में गड़बड़ी कर गरीब छात्राओं को मुफ़्त साइकिल बांटने में भी 90 करोड़ का घोटाला किया है।
टेंडर में महंगी साइकल दिखाकर बच्चों को सस्ती वाली साइकिल महंगे ब्रांड का स्टिकर लगाकर दे दी।@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/vAqWnNL7zO
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 6, 2026
AAP नेता ने आरोप लगाया कि पूरी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा। उनके अनुसार, यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग और सार्वजनिक योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का मामला है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
‘गरीब छात्राओं के साथ अन्याय’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुफ्त साइकिल योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को शिक्षा तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना था। लेकिन यदि योजना में गुणवत्ता से समझौता किया गया है, तो इससे सबसे अधिक नुकसान उन छात्राओं को हुआ है, जिनके लिए यह योजना शुरू की गई थी।
उन्होंने सरकार से योजना से जुड़े सभी टेंडर दस्तावेज और खरीद प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की भी मांग की।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक संबंधित राज्य सरकार या भाजपा की ओर से AAP के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल, यह आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। कथित अनियमितताओं और 90 करोड़ रुपये के घोटाले के दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच या संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.