सफाई कर्मचारी की मौत पर AAP का रेखा गुप्ता सरकार से सवाल- ₹1 करोड़ मुआवजा क्यों नहीं?

सफाई कर्मचारी की मौत पर AAP का रेखा गुप्ता सरकार से सवाल- ₹1 करोड़ मुआवजा क्यों नहीं?

 

AAP ने ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी की मौत पर ₹1 करोड़ मुआवजे को लेकर रेखा गुप्ता सरकार से सवाल किया। पार्टी ने पूछा- पहले मिलता था तो अब क्यों नहीं?

दिल्ली में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान होने वाली मौतों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने रेखा गुप्ता सरकार पर सवाल उठाए हैं। AAP ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली AAP सरकार के दौरान ड्यूटी के दौरान किसी सफाई कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान था, लेकिन अब मौजूदा सरकार इस मामले में क्या कदम उठा रही है, यह स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि यदि सफाई कर्मचारियों के परिवारों को पहले ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाता था, तो अब उन्हें यह सहायता क्यों नहीं दी जा रही है?

AAP ने पूछा- जनता सब याद रखती है

AAP ने अपने बयान में कहा कि जनता सरकारों के फैसलों और उनके कामकाज को याद रखती है। पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाते हुए कहा, “यह जनता है, सब याद रखती है।” AAP का कहना है कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ड्यूटी के दौरान उनकी जान जाने की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलना जरूरी है।

पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस मुद्दे पर जवाब मांगते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सफाई कर्मचारियों के परिवारों के लिए वर्तमान मुआवजा नीति क्या है।

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

सफाई कर्मचारियों को अक्सर सीवर, नालियों और अन्य जोखिम भरे स्थानों पर काम करना पड़ता है। ऐसे काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों और उचित सुरक्षा व्यवस्था का अभाव गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। AAP ने इसी संदर्भ में सरकार से सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि सफाई कर्मचारी दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और उनके परिवारों की आर्थिक सहायता सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मौत होने पर परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसलिए मुआवजे की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति और उसका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।

रेखा गुप्ता सरकार से मांगा जवाब

AAP ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया है कि ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी की मौत होने की स्थिति में उनके परिवार को वर्तमान सरकार कितनी आर्थिक सहायता दे रही है। पार्टी ने यह भी पूछा कि क्या पहले घोषित ₹1 करोड़ की सहायता का प्रावधान अब भी लागू है या इसमें कोई बदलाव किया गया है।

AAP के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में सफाई कर्मचारियों के मुआवजे का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विपक्षी पार्टी ने सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर कोई भ्रम न रहे।

AAP ने पुराने फैसले की याद दिलाई

AAP ने अपने आरोप के जरिए अपनी पिछली सरकार के दौरान सफाई कर्मचारियों के लिए किए गए फैसलों को भी जनता के सामने रखने की कोशिश की है। पार्टी का दावा है कि उसके शासनकाल में ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को ₹1 करोड़ की सहायता दी जाती थी। अब AAP इसी आधार पर वर्तमान सरकार से तुलना कर रही है और पूछ रही है कि क्या मौजूदा सरकार भी सफाई कर्मचारियों के परिवारों को उसी स्तर की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

हालांकि, ₹1 करोड़ के मुआवजे के मौजूदा प्रावधान और पात्रता को लेकर सरकार की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित सरकारी आदेश और नीति के अनुसार ही अंतिम स्थिति निर्धारित की जा सकती है।

दिल्ली की राजनीति में गरमाया मुद्दा

सफाई कर्मचारियों की मौत और उनके परिवारों को मुआवजा देने का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में संवेदनशील विषय रहा है। AAP ने इसे सरकार की जवाबदेही और कर्मचारी कल्याण से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ठोस सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।

फिलहाल AAP के सवालों पर दिल्ली सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सरकार का जवाब सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारियों की मौत की स्थिति में मुआवजे को लेकर वर्तमान नीति क्या है और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था किस तरह लागू की जा रही है।

 

 

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