नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों और AAP का भारी प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वे कलम से क्रांति लिखने आए हैं।
नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और देशव्यापी पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली का जंतर-मंतर आज एक ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का गवाह बना। आम आदमी पार्टी (AAP) ने युवाओं की आवाज को बुलंद करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘आप’ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश के युवाओं के जायज सवालों का जवाब पुलिसिया बल प्रयोग या लाठियां नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही है। आंदोलनकारी छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे अपनी जायज मांगों को मनवाए बिना पीछे हटने वाले नहीं हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष और छात्र
युवाओं के सवालों का जवाब बल प्रयोग नहीं, जवाबदेही है।
धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा… pic.twitter.com/p8m6kiAhcO
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 20, 2026
जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया। ‘आप’ का आरोप है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की शुचिता भंग होने के बाद भी शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं, जो देश के ईमानदार और मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। आप नेताओं ने कहा, “सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि युवाओं के सवालों का जवाब लाठी और बैरिकेड्स नहीं हैं। धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए हर हाल में इस्तीफा देना ही होगा।”
“हम कलम से क्रांति लिखने आए हैं, अपना हक मांगने आए हैं”
जंतर-मंतर पर जुटे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं के बुलंद नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा, “हम यहाँ किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं आए हैं। हम कलम से क्रांति लिखने आए हैं, हम अपनी रातों की नींद और सालों की मेहनत का हिसाब मांगने आए हैं। हम भीख नहीं, बल्कि देश की इस भ्रष्ट व्यवस्था से अपना हक मांगने आए हैं।”
छात्रों का कहना है कि एनटीए द्वारा उन्हें डराने और कानूनी कार्रवाई की धमकियां देने से उनका हौसला टूटने वाला नहीं है, बल्कि इससे उनकी न्याय की लड़ाई और मजबूत होगी।
जंतर-मंतर छावनी में तब्दील, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बीच, छात्रों के घोषित ‘संसद मार्च’ को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। जंतर-मंतर से संसद जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर तीन लेयर की सिक्योरिटी बैरिकेडिंग की गई है और 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। हालांकि, सुरक्षाबलों के इस भारी घेरे के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं। आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि युवाओं की इस ‘कलम की क्रांति’ को सरकार किसी भी बल प्रयोग से दबा नहीं पाएगी।